सोलन:योगेश शर्मा- अंबुजा सीमेंट कम्पनी अनिश्चितकाल के लिए बंद होने से डब्लूएचआरएस प्रोजेक्ट में कार्य कर रहे 200 बाहरी राज्यों के कामगारों के भविष्य पर तलवार लटक गई है। इन कर्मचारियों को दो माह से वेतन नही मिला है। यही वजह है उन्हें अब हड़ताल करने को बाध्य होना पड़ा है। यह सभी ठेकेदार के पास काम करते है। इनका कहना है कि ठेकेदार ने नवम्बर व दिसम्बर माह की उन्हें सैलरी नही दी गई है। उन्होंने कहा कि बिना पैसे के भूखे पेट रहने की नोबत आ गयी है। उनका कहना है कि पैसों के बिना राशन,सब्जी व अन्य जरूरी वस्तुओं को लेने में भी परेशानी हो रही है क्योंकि इन सभी के लिए पैसे की जरूरत होती है। और साथ ही हम सबके पास किराए को देने के लिए भी पैसे नही है।
कामगार बोले : अपनी सेलरी मांगने पर मिल रही धमकी
मजदूरों का कहना कि जब हम अपनी मेहनत की मजदूरी के पैसे मांगते हैं , तो ये टाल मटोल करते रहते है। अगर इनसे पैसो के लिए जबरदस्ती करें तो वे धमकी देते है कि पुलिस को बुलाकर लाठी चार्ज करवा देंगें। उन्होंने कहा कि वे सभी अलग अलग राज्यों से यहां पैसा कमाने के लिए आए है,पर समय से सैलरी नही मिलेगी तो खाएंगे क्या। मजदूरों ने कहा कि ठेकेदार कह रहा है कि अंबुजा कम्पनी से अभी पैसा नही आया है जिसके चलते सैलरी देरी से आएगी। मजदूरों ने कहा कि सभी मजदूर निजी कंपनी के सिमर कंस्ट्रक्शन के तहत कार्य कर रहे थे। उन्हें यह नही मालूम कि पैसा कौन देगा।
मजदूरो ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
मजदूरों ने एक स्वर में कहा कि उन्होंने सिमर कंस्ट्रक्शन में काम किया है और पैसा भी उनसे ही चाहिए। मजदूरों ने कम्पनी प्रबंधन व सिमर कंस्ट्रक्शन के अधिकारीयों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मेहनत की मजदूरी उन्हें नही दी गई तो हमें मजबूरन उग्र आंदोलन करना पड़ेगा । जिसकी जिम्मेवारी कम्पनी प्रबंधन व प्रशासन की होगी।
