संजु चौधरी,शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून से आई आफत ने चारों ओर तबाही मचा दी हैं। अभी भी बरसात जारी है और प्रदेश के दस ज़िलों में रेड अलर्ट हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने जानकारी देते हुए बताया की सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय गृह मंत्री से प्रदेश में आई आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की हैं। इसके अलावा मानसून से हुई तबाही में नुकसान के आंकलन के लिए सरकार की ओर से कमेटी भी बनाई गई हैं।
प्रदेश में मानसून के आगाज़ के बाद से अब तक प्रदेश को 365 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका हैं और आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा हैं। वहीं अब तक इस मौसम और मूसलाधार बारिश की वजह से 54 लोग जान गंवा चुके हैं तो 92 लोग जख्मी हो हुए हैं।
मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने बताया कि प्रदेश में हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश में आई आफत को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग उठाई हैं। उन्होंने कहा की इसके अलावा प्रदेश में हुए नुकसान के आंकलन के लिए एक कमेटी का गठन किया गया हैं। कहां और किस विभाग को कितना नुकसान हुआ हैं कमेटी इसकी रिपोर्ट तैयार करेगी और केंद्र सरकार को सौंपेगी।
नरेश चौहान ने बताया कि बरसात के चलते प्रदेश सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ हैं। उन्होंने बताया की प्रदेश में 3 नेशनल हाइवे समेत 828 सड़कें बाधित हुई हैं। इसके अलावा पेयजल योजनाओं और बिजली विभाग को भी नुकसान पहुंचा हैं। नरेश चौहान ने बताया की मौसम को देखते हुए प्रदेश में शिक्षण संस्थानों को दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता पर पानी की सप्लाई बहाल करने की ओर सरकार बढ़ रही हैं।
