शिमला: ग्रामीण क्षेत्रों की तर्ज पर ही प्रदेश में वाल्मीकि समुदाय के गरीब परिवारों के घरों के बिजली और पानी के बिल माफ़ करने की मांग प्रदेश वाल्मीकि महासभा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से की है। शुक्रवार को वाल्मीकि समुदाय की मांगों ओर समस्याओं को लेकर प्रदेश वाल्मीकि महासभा हिमाचल के प्रदेश अध्यक्ष अंकुश घोष ओर अन्य जिलों से आए वाल्मीकि प्रधानों ने शिमला में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से भेंट की।
इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को वाल्मीकि समाज की समस्याओं से अवगत करवाया और कहा कि सरकार ने भूमिहीन लोगों को जो 2 -2 बिस्वे जमीन देने की घोषणा की है उसे जल्द से जल्द गरीब लोगों को दिया जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जहां भी वाल्मीकि समुदाय के लोग 50 -60 वर्षों से अपने घर बना कर रह रहे है। अपने उम्र भर की कमाई अपने उन्होंने अपने घर बनाने में लगा दी है उन घरों को उन गरीब लोगों के नाम किया जाए ओर पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं को सरकार रोजगार दिलवाने का प्रावधान भी करे।
उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि जो लोग ठेकेदारों के अधीन काम कर रहे है वह लोग अपने परिवार का खर्चा बहुत मुश्किल से चलाते है। ना तो उनके पास घर है ना अपना मासिक घर किराया देने के लिए पैसे है। यहां तक की अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए भी इतने पैसे समुदाय के लोगों के पास नहीं है। ऐसे में उन्हें सरकार की मदद की आवश्यकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह अपील भी की है कि जिस प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार ने बिजली, पानी के बिल माफ़ किए है उसी प्रकार वाल्मीकि समुदाय के घरों के बिजली,पानी के बिल सरकार माफ़ करे। वहीं इन सभी समस्याओं को मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने सुना ओर जल्द समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन भी दिया।
