संजीव महाजन,नूरपुर: विधानसभा ज्वाली में सोमवार को ज्वाली थाना परिसर में तालियों की गूंज सुनाई देती रही। इन तालियों की गूंज के पीछे का कारण दो किन्नर गुटों के बीच का झगड़ा था जिसकी शिकायत लेकर यह वह पुलिस थाना ज्वाली पहुंचे थे। यह मसला किन्नरों के मांगने के इलाके को लेकर था। किन्नर समुदाय का एक गुट जस्सी महंत के साथ थाना में पहुंचा तो वहीं दूसरा समुदाय सुमन कुमार उर्फ रोजा के साथ पुलिस थाना में पहुंचा।
पूरा थाना परिसर किन्नरों से ही भर गया ओर हर तरफ़ किन्नरों की तालियों की गूंज ही सुनाई देती रही। पुलिस ने जस्सी महंत व सुमन कुमार उर्फ रोजा को अकेले में बैठाकर खूब समझाया लेकिन कोई मसला हल न हुआ। दोनों समुदायों में थाना परिसर में ही काफी गहमा-गहमी हो गई ओर हाथापाई भी हो गई।
जस्सी महंत का आरोप हैं कि खटियाड से लेकर ज्वाली, रैहन, फतेहपुर, धमेटा, राजा का तालाब, भरमाड़, हरसर, बासा तक का क्षेत्र हमारे अधीन आता है जिसका उनके पास लीगल प्रमाण भी है लेकिन सिद्धाथा क्षेत्र से बंगाली समुदाय से एक किन्नर काजल जबरन उनके क्षेत्र में घुस कर बधाई मांग रहा हैं जिसको सहन नहीं किया जाएगा।
सुमन कुमार उर्फ रोजा महंत ने कहा कि जस्सी महंत ने स्वयं ही किन्नर काजल को ज्वाली से आगे का क्षेत्र पांच-छह साल पहले दिया था लेकिन अब जबरन इलाका को छीनने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जस्सी महंत के पास पंजाब के किन्नर हैं जोकि बधाई राशि मांगते हैं। पंजाब के किन्नरों का हिमाचल में बधाई मांगने का कोई अधिकार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि काजल महंत के पास जो क्षेत्र है उसमें बधाई मांगने से उसे कोई भी रोक नहीं सकता हैं।
