Hamirpur, Arvind singh-जिला हमीरपुर में 49 आंगनवाड़ी केंद्रों के पक्के भवनों का निर्माण बजट के अभाव और विभागीय असहयोग के चलते तीन वर्षों से अधर में लटका हुआ है। वर्ष 2022-23 में इन भवनों के निर्माण की योजना बनाई गई थी, जिन्हें मनरेगा कन्वर्जेंस के तहत तैयार किया जाना था। प्रत्येक भवन के निर्माण पर लगभग 12 लाख रुपए खर्च होने थे, जिनमें से 8 लाख रुपए मनरेगा कन्वर्जेंस से, 2 लाख 15वें वित्त आयोग से तथा शेष 2 लाख महिला एवं बाल विकास विभाग से देने का प्रावधान था।
हालांकि, अब तक एक भी भवन की नींव नहीं रखी जा सकी है। सूत्रों के अनुसार, खंड विकास कार्यालय और ग्रामीण विकास विभाग ने बजट की कमी का हवाला देते हुए इस कार्य से हाथ पीछे खींच लिए हैं। इसके कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से परियोजना की अंतिम किस्त जारी की जानी थी, लेकिन उसे अग्रिम रूप से जारी करने का दबाव बनाया जा रहा है, जो कि नियमानुसार संभव नहीं है। इससे पूरे प्रोजेक्ट की प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है और भवनों की योजना सिर्फ फाइलों में ही घूम रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग हमीरपुर के जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि वास्तविक स्थिति से निदेशालय को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग की ओर से बजट जारी करने में नियमानुसार कोई चूक नहीं की गई है, लेकिन निर्माण एजेंसियों की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया।इस स्थिति में यदि शीघ्र कोई समाधान नहीं निकाला गया तो आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों और स्टाफ को असुविधाजनक व अस्थायी ढांचों में ही कार्य करना पड़ेगा।
