विकास शर्मा,चिंतपूर्णी: जसवां-परागपुर क्षेत्र में गरीब अपनी गुरबत को दूर करने के लिए लंबे इंतजार में रहे, लेकिन इसी बीच चहितों के अच्छे दिन आ गए। क्षेत्र का गरीब वर्ग खुद को ठगा महसूस कर रहा है, लेकिन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को फिर से सब्जबाग उन लाेगों की ओर से दिखाए जा रहे हैं, जोकि पिछले वर्षों में सत्ता के नशे में चूर रहे है। यह बात कैप्टन संजय ने आज क्षेत्र की सेहरी पंचायत में आयोजित 51वें महायज्ञ में स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कही।
पराशर ने कहा कि जसवां-परागपुर क्षेत्र में अंहकार से नहीं संत भाव से काम करने की आवश्यकता है। इस क्षेत्र की समस्याओं के हल को को लेकर हो रही देरी के बारे में नेताओं के पास विपक्ष में रहना हुआ करता था, लेकिन अबकी बार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले अपने उत्तरदायित्व से किसी भी हाल में नहीं बच सकते। सत्ता में रहते हुए शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनका क्या योगदान रहा, इसकी सार्वजनिक रूप से बहस होनी चाहिए।
संजय ने पूछा कि क्या यह सच नहीं है कि पिछले वर्षों में कई प्राइमरी स्कूल एकमात्र शिक्षक के सहारे चलते रहे। क्षेत्र के कॉलेजों में पूरा स्टॉफ क्यों उपलब्ध नहीं हो पाया। पराशर ने कहा कि रोजगार को लेकर किसी से जबाव देते नहीं बन रहा है, लेकिन ऐसे ज्वलंत प्रश्नाें को टालने का मतलब यही है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है।
पराशर ने कहा कि आवास योजना के तहत मिलने वाले मकानों की प्रतीक्षा में एक अरसा बीत गया है और ऐसा लग रहा है, जैसे गरीबाें की एक तरह से परीक्षा ली जा रही है। संजय ने कहा कि हमें इक्कीसवीं में प्रवेश किए हुए भी जमाना बीत गया है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के लिए अब भी तरसना पड़ रहा है। पराशर ने कहा कि जसवां-परागपुर को नई ऊंचाईयों पर ले जाना है और बड़े सपने देखकर उन्हें हकीकत तक लेकर जाना है। जसवां–परागपुर में मेडीकल कॉलेज, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, हर वर्ष पांच हजार युवाओं को रोजगार, क्षेत्र में हर साल 800 किलोमीटर ग्रामीण क्षेत्र में संपर्क सड़क मार्गों का निर्माण, हर पंचायत में पेयजल की निर्बाध आपूर्ति, शिक्षा के क्षेत्र में कालॅजों में सांइस विषय की कक्षाएं शुरू करवाना व पूरा स्टाफ उपलब्ध करवाना और कृषि व पशु पालन को लेकर जमीनी स्तर पर कार्य करना उनके संकल्पों में प्रमुखता से शामिल है। इसके अलावा नारी सशक्तकीरण, गरीबी उन्मूलन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक तरीके से कार्य करेंगे।महायज्ञ में क्षेत्र के दो सौ से ज्यादा परिवारों ने हवन यज्ञ में आहुतियां डालीं।
