नाहन:देवेंद्र कुमार (TSN)- पांवटा साहिब गुरुद्वारा में पूर्णिमा एवं गुरु नानक देव जी के 554वें में प्रकाश उत्सव को समर्पित कवि दरबार का आयोजन किया गया। जिसमे न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि बाहरी राज्यों से भी कवि पहुँचे । पंतप्रसिद्ध कवियों ने अपनी रचनाएं पेश कर गुरु नानक देव महाराज जी की उपमा में कविताएं पेश कर संगत को निहाल किया।
विभिन्न राज्यों से कवियों ने लिया कवि दरबार में हिस्सा
सोमवार देर रात तक चले इस कवि दरबार में विभिन्न राज्यो से कवि पहुंचे हुए थे। यहां सिखों के 10वें गुरु गुरुगोबिंद सिंह द्वारा ऐतिहासिक गुरुद्वारा पांवटा साहिब में शुरू की गई कवि दरबार की परंपरा आज भी कायम है । बड़ी संख्या में कवि इस दरबार में पहुंचे और अपनी अपनी भाषाओं में यहां अपनी कविताएं सुनाई ।कवियों ने इस बात पर खुशी जताई कि सिख गुरु गुरु गोविंद सिंह द्वारा शुरू की गई परंपरा बखूबी निभाई जा रही है। कवियों ने बताया इस प्रकार के कवि सम्मेलन से जहां अलग-अलग राज्यों के कवियों को एक साथ अपनी कविताएं सुनाने का अवसर मिलता है ।
गुरु गोविंद सिंह जी ने शुरू की थी कवि दरबार की परंपरा
वहीं गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के मैनेजर जगीर सिंह ने बताया कि गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव को समर्पित एवं पूर्णिमा के मौके पर गुरुद्वारा परिसर में विशाल कवि दरबार का आयोजन किया गया । यहां देश प्रदेश से पंथप्रसिद्ध कवि पहुंचकर अपनी रचनाएं गुरु नानक देव जी की उपमा में पढ़ रहे हैं । उन्होंने कहा कि 25 नवंबर से शुरू हुए गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव को समर्पित धार्मिक कार्यक्रमों का 27 नवंबर देर रात समापन हुआ। जिसमें करीब 1 लाख संगतों ने गुरुद्वारा पांवटा साहिब में नतमस्तक होकर शीश नवाया। उन्होंने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह मगराज द्वारा शुरू की गई परंपरा को आज भी बखूबी निभाया जा रहा है और हर पूर्णिमा की रात को यहां कवि दरबार सजाया जाता है।
