संजु चौधरी, शिमला: राजधानी शिमला के साथ लगते बड़ागांव सीवरेज प्लांट का गंदा पानी साथ लगते खड्डों में खुला छोड़ा जा रहा हैं। सीवरेज का पानी इस तरह से छोड़ने से खड्ड का पानी पुरी तरह से दूषित हो रहा हैं। इस खड्ड में पशु पानी पीते है और फसलों को भी इसी खड़ से पानी दिया जा रहा हैं, लेकिन पानी के दूषित होने से जहा फसलें खराब हो रही हैं वहीं पशु भी बीमार हो रहे हैं। गाय के पेट में ही बच्चे मर रहे हैं।इसके साथ ही आसपास प्राकृतिक जल स्त्रोत भी दूषित हो रहे हैं, जिससे फिर से बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ हैं।
पिछले कई वर्षों से लोग जिला प्रशासन, जल निगम से लेकर सरकार तक इसको लेकर शिकायत करते आ रहे हैं, लेकिन किसी के कान पर जु तक नहीं रेंग रही हैं। स्थानीय लोगों ने मंत्री अनिरुद्ध सिंह से इस गंदगी से राहत दिलवाने की मांग की हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लालपानी बड़ागांव के पास सीवरेज प्लांट है और उससे निकलने वाला गंदा पानी साथ लगती खड्ड में छोड़ा जा रहा है जिससे खड्ड का का पानी पूरी तरह से दूषित हो गया हैं।
बड़ागांव सीवरेज प्लांट को हर रोज बिना ट्रीट किया हुआ गंदा पानी खड्ड में हर रोज डाला जा रहा हैं पिछले कुछ वर्षों से यह समस्या लगातार बनी हुई हैं। यह समस्या को जल प्रबंधन शिमला के सामने भी रखा था और विधायक अनिरुद्ध सिंह के सामने भी इस समस्या को रखा था लेकिन खाली आश्वासन के अलावा अभी तक ग्राउंड लेवल पर कोई भी कार्य नहीं हुआ हैं उनका यह कहना था कि सेवरीज प्लांट का अपग्रेडेशन का काम चला हुआ हैं परंतु 1 वर्ष बीत चुका हैं स्थिति आज भी वैसे ही बनी हुई हैं। स्थिति इतनी खराब है कि हमारे पशु इस गंदे पानी को पीने के लिए मजबूर हैं। गंदे पानी की वजह से है यहां पूरे क्षेत्र का वातावरण बहुत दूषित हो चुका है जिसकी वजह से यहां कई पानी के चश्मे भी गंदे हो चुके हैं।
वहीं कसुम्पटी के विधायक और पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह ने कंपनी को चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द से जल्द यहां पर व्यवस्था सुधारी जाए और गंदा पानी खड्डों में ना जाने दें। उन्होंने कहा कि सीवरेज प्लांट का गंदा पानी जाने से खड्डों का पानी दूषित हो रहा है जिससे वहां पर बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया हैं। इसको लेकर पहले भी जल प्रबंधन निगम सहित कंपनी को भी आगाह कर दिया हैं और यदि व्यवस्था ठीक नहीं की जाती है तो कंपनी प्रबंधन सहित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
