बिलासपुर/सुभाष ठाकुर – लंबे समय से भाजपा से नाराज चल रहे भाजपा नेता व पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष राकेश चोपड़ा के आम पार्टी में शामिल होते ही घुमारवी की राजनीति में नए समीकरण जुड़ गए है। राकेश चोपड़ा इससे पहले 2012 में एक आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं। जिसमें उन्होंने करीब सात हजार वोट हासिल किए थे और उस समय भाजपा के उम्मीदवार राजेंद्र गर्ग हार गए थे। वही चोपड ने 2017 में भाजपा के उम्मीदवार राजेंद्र गर्ग का साथ देकर एक किंग मेकर की भूमिका निभाई थी और राजेंद्र गर्ग करीब 10 हजार से अधिक मतों से जीते थे।
लेकिन करीब दो साल पहले नगर परिषद के चुनावों में चोपड़ा और केबिनेट मंत्री राजेंद्र गर्ग की आपसी कलह जगजाहिर हो गई थी । इसके बाद दोनों के रास्ते अलग-अलग हो गए थे। इसका सबसे बड़ा उदाहरण तब देखने को मिला था जब प्रदेश सरकार की तरफ से दिए गए हिमुडा के निदेशक के पद को राकेश चोपड़ा ने ठुकरा दिया था।
कयास लगाए जा रहे हैं कि राकेश चोपड़ा का आम आदमी पार्टी में जाने से इसका सीधा नुकसान भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय विधायक व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र गर्ग को हो सकता है।
वही आज आप कार्यालय घुमारवीं में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमे विधानसभा क्षेत्र के घुमारवीं के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। जिसमें आगामी चुनावों को देखते हुए नई रणनीतियां बनाने पर विचार विमर्श किया गया। इस मौके पर हाल ही में पार्टी में शामिल हुए घुमारवीं के समाजसेवी राकेश चोपड़ा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बढ़ती महंगाई बेरोजगारी और गिरती जा रही शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए आम आदमी पार्टी ने जो कार्य किए हैं उस कारण से प्रभावित होकर लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं। तथा पार्टी आने वाले चुनावों में पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी।
