नालागढ़/जगत सिंह: सरहदों पर सैनिकों के सुख समृद्धि और उनके उज्जवल भविष्य के लिए यूपी के एक महात्मा ने दूसरी बार यूपी से लेकर जम्मू-कश्मीर मां वैष्णो देवी तक पदयात्रा शुरू की है। महात्मा 4500 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी पदयात्रा कर जैसे ही नालागढ़ पहुंचा तो अचानक महात्मा की तबीयत बिगड़ गई। इसके चलते वह लखविंदर सिंह राणा विधायक के दफ्तर के साथ वाले मंदिर में विश्राम के लिए रुक गया। जब इस बारे में लखविंदर राणा को पता चला तो उन्होंने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए महात्मा का एक निजी अस्पताल में इलाज करवाया। करीबन 1 सप्ताह तक आईसीयू में रहने के बाद महात्मा अब सही सलामत ठीक हो गया है। स्वस्थ होने के बाद महात्मा ने पदयात्रा शुरू कर दी है।
महात्मा ने कहा सच में हिमाचल देवभूमि
महात्मा ने बताया कि 4500 किलोमीटर की यात्रा उनकी हो चुकी है और वह जैसे ही नालागढ़ पहुंचे तो बीमार हो गए। उन्हें पता ही नहीं लगा और बेहोश हो गए । उसके बाद वह एक मंदिर में विश्राम के लिए रुके तो उसके बाद नालागढ़ के विधायक ने उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां पर उनका इलाज होने के बाद अब वह ठीक है। उन्होंने विधायक लखविंदर का धन्यवाद करते हुए कहा कि अगर ऐसा उनके साथ यूपी में हुआ होता तो विधायक तो दूर की बात कोई आम आदमी भी उनका इलाज नहीं करता। उन्होंने कहा कि हिमाचल को इसीलिए देवभूमि के नाम से जाना जाता है और यहां के लोग एक दूसरे की मदद के लिए आगे आते हैं । उन्होंने कहा कि सरहदों पर देश के लिए दिन रात जागकर देश के लोगों की सुरक्षा करने वाले सैनिकों के लिए उन्होंने यह पदयात्रा शुरू की है और वैष्णो देवी मंदिर तक उनकी यात्रा संपन्न हो जाएगी।
विधायक लखविंदर सिंह राणा ने कहा कि उन्हें जैसे पता चला कि महात्मा काफी बीमार है , तो उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया । उन्हें कुछ दिन तक आईसीयू में भी रखा गया और एक सप्ताह तक उनका इलाज होने के बाद अब महात्मा ठीक हो चुके हैं । उन्होंने कहा कि ऐसे महात्मा देश में बहुत कम है जो देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान की परवाह किए बगैर देश के सैनिकों की सुख समृद्धि के लिए पदयात्रा कर रहे हैं।
