संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश में अवैध खनन करने वालों और पानी के स्त्रोतों के पास हो रही माइनिंग को रोकने के लिए सरकार अब सख्त कदम उठाने जा रही हैं। इस तरह के लोगों पर सख्त कार्रवाई करने का फ़ैसला सरकार ने ले लिया हैं। सरकार ने गैर कानूनी तरीके से माइनिंग करने और पानी के स्रोतों के आसपास माइनिंग करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए हैं ।
हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि प्रदेश में अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने बताया कि क़ई क्षेत्रों में पानी के स्त्रोतों को खत्म किया जा रहा है और इस पर भी सरकार सख़्त हैं और पानी के स्रोतों के आसपास माइनिंग करने वालों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश सरकार ने जारी किए हैं। इसके अलावा सरकारी संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचाता है तो उसके खिलाफ भी मामला दर्ज करने को कहा गया हैं।
वहीं विपक्ष के आरोपों पर मुकेश अग्निहोत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष अपना बचाव करने के लिए इस तरह की बातें कर रही हैं, लेकिन जो उनके कार्यकाल में हुआ उस पर चर्चा तो होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आय के स्रोतों बढ़ाने पर काम कर रही हैं और जल्द ही पॉवर प्रोजेक्ट पर वाटर सेस लगाने का काम किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता हो और सभी लोग इस प्रक्रिया में भाग ले सकें इस पर सरकार काम कर रही हैं। टेंडर केवल चंद लोगों तक ही सीमित ना हो इस तरह की व्यवस्था की जा रही हैं और बहुत जल्द ही इस तरह की पॉलिसी लेकर सरकार आ रही हैं
सीमेंट फैक्ट्री से जुड़े विवाद को खुद देख रहे मुख्यमंत्री
प्रदेश में सीमेंट फैक्ट्री विवाद को लेकर मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि परिवहन विभाग का कार्य किराया तय करना होता हैं और उस पर काम किया जा रहा हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री इस पूरे मामले को देख रहे हैं।
