बीबीएन : जगत सिंह- प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ में एक धागा उद्योग बंद होने का मामला सामने आया है । जीपीआई नामक धागा उद्योग द्वारा कंपनी को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का नोटिस लगा दिया गया है और मजदूरों को कंपनी में काम पर आने के लिए मना किया गया है।
500 के करीब मजदूर हुए बेरोजगार
कम्पनी के बंद होने के कारण 500 के करीब मजदूर बेरोजगार होने की कगार पर हैं । मजदूरों ने कंपनी द्वारा लगाए गए अनिश्चित काल बंद के नोटिस को लेकर गेट पर प्रदर्शन किया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ रोष व्यक्त भी किया ।
मजदूर बोले हमारा पूरा किया जाए हिसाब
मजदूरों का कहना है कि वह इस फैक्ट्री में 25 से 30 वर्षों से काम कर रहे हैं । उन्होंने इस कंपनी के लिए अपनी पूरी जिंदगी दे दी , लेकिन कंपनी प्रबंधन बार-बार कभी फैक्ट्री को बंद कर देते हैं और कभी चलाते हैं और कंपनी का यह नहीं पता लगता कि कब यह कंपनी को बंद कर देते हैं और मजदूरों को कह देते हैं कि इस दिन से फैक्ट्री बंद है आप फैक्ट्री में काम के लिए नहीं आए। गुस्साए मजदूरों का कहना है कि अगर फैक्ट्री मालिक द्वारा कंपनी को बंद करना ही है तो पहले सभी मजदूरों का फुल एंड फाइनल हिसाब किया जाए ताकि मजदूरों का जो भी हिसाब बनता है वह उन्हें मिल जाए जिससे वह अपने परिवार का गुजर-बसर कर सकें।
भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी
कंपनी में काम करने वाले मजदूरों का कहना है कि वह 30 30 वर्षों से इस कंपनी में काम कर रहे हैं और उनकी अब उम्र भी 50 के करीब हो चुकी है । इस उम्र में कोई भी कंपनी उन्हें काम पर नहीं रखेगी । मजदूरों ने कहा है कि अगर उनका फुल एंड फाइनल हिसाब नहीं किया गया तो वह कंपनी के गेट पर रोष प्रदर्शन करेंगे । पहले हड़ताल की जाएगी और उसके बाद भूख हड़ताल करने को भी मजदूर मजबूर होंगे। जिसकी जिम्मेवारी कंपनी प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी।
कम्पनी प्रबंधन ने बताया ये कारण
इस बारे में जब हमने कंपनी के मैनेजर सुरेंदर मड़ियाल से बातचीत की तो उनका कहना है कि कंपनी को पहले ही कोर्ट के अधीन किसी ग्रोवर नामक व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा था । इसमें कंपनी मैनेजमेंट कुछ भी नहीं कह सकती क्योंकि इस कंपनी के बारे में ग्रोवर ही बयान देने के लिए ऑथराइज है। इसलिए उन्होंने फैक्ट्री बंद के नोटिस पर कुछ भी कहने से साफ मना कर दिया।
