संजु चौधरी, शिमला: राजधानी शिमला डाक विभाग में एक व्यक्ति की ओर से मैट्रिक का फर्जी सर्टिफिकेट देखकर नौकरी पाने का मामला सामने आया हैं। शिमला पोस्टल डिविजन के तहत देवनगर शाखा में एक व्यक्ति ने अपने फर्जी सर्टिफिकेट देकर नौकरी ली थी लेकिन फर्जी सर्टिफिकेट देने का खुलासा होने के बाद शिकायत उक्त व्यक्ति के खिलाफ़ पुलिस में दर्ज करवाई गई हैं।
शिमला पोस्ट ऑफिस के सुपरिंटेडेंट विकास नेगी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि शिमला पोस्टल डिविजन के तहत देवनगर शाखा में ग्रामीण डाक सेवक शाखा पोस्ट मास्टर के चयन के लिए उम्मीदवारों के इंटरव्यू हुए थे। इस दौरान एक उम्मीदवार जिसका नाम मनीष कुमार है, उसका चयन देवनगर शाखा में ग्रामीण डाक सेवक शाखा पोस्ट मास्टर के पद पर हुआ। उसने गत 9 सितंबर 2022 को अपने पद पर जॉइन किया।
शिकायतकर्ता विकास नेगी का कहना है कि उक्त व्यक्ति का मैट्रिक सर्टिफिकेट जांच के लिए निदेशक झारखंड अकेडमिक काउंसिल ज्ञानदीप कैंपस भेजा गया। वहां पर जांच के दौरान उसका सर्टिफिकेट फर्जी निकला। उक्त आरोपी सरकाघाट जिला मंडी का रहने वाला हैं।
सुपरिंटेडेंट विकास नेगी की शिकायत पर पुलिस ने थाना सदर में की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया हैं ओर पुलिस जांच में जुट गई हैं। शिमला एएसपी सुनील नेगी ने कहा कि फर्जी दस्तावेज देकर डाक विभाग में नौकरी लेने का मामला सामने आया हैं। इसमे मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी हैं ।
