Shimla,Sanju-:राजधानी शिमला के लक्कड़ बाजार क्षेत्र में हरे पेड़ों की कटाई को लेकर गुरुवार को स्थानीय व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना उचित कारण के हरे-भरे पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी है। जानकारी के अनुसार, मजदूरों द्वारा दो पेड़ काटे जा चुके थे और जब एक बड़ा हरा पेड़ काटने की तैयारी हो रही थी, तभी स्थानीय व्यापारियों ने विरोध शुरू कर कटाई रुकवा दी।
यह पेड़ राधा स्वामी सत्संग भवन के पास स्थित है, जिसके निर्माण कार्य के लिए एसडीएम द्वारा पेड़ काटने की अनुमति दी गई थी। व्यापारियों का कहना है कि यह पेड़ किसी प्रकार का खतरा नहीं था, न ही गिरने की स्थिति में था। उनका आरोप है कि एक व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए हरे पेड़ों की बलि दी जा रही है।स्थानीय दुकानदार रामपाल ने कहा कि “यह पेड़ पूरी तरह सुरक्षित था, लेकिन इसे ‘खतरनाक’ घोषित कर प्रशासन ने कटाई की अनुमति दी।हमने इस संबंध में डीएफओ और अन्य अधिकारियों को भी सूचित किया, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। हमारी मांग है कि शहर में इस तरह के हरे-भरे पेड़ों को अनावश्यक रूप से न काटा जाए।”
वहीं, राधा स्वामी सत्संग संस्था के सेक्रेटरी जे.आर. वर्मा ने कहा कि “पेड़ को काटने की अनुमति प्रशासन से विधिवत ली गई है। यह पेड़ भविष्य में खतरा बन सकता था, इसलिए इसकी कटाई जरूरी थी। कुछ लोग बेवजह इस मामले को तूल दे रहे हैं।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि पर्यावरण की दृष्टि से शहर में हरे पेड़ों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जाए।
