अनिल कुमार, किन्नौर:जिला किन्नौर में जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक को साढ़े चार वर्षों में सरकार ने मात्र एक बार करवाया है। ऐसे में अब इस बैठक के ना होने से जिला में विकास के काम रुके हुए है। यह बात विधायक किन्नौर जगत सिंह नेगी ने इस बैठक को ना करवाने के लिए भाजपा को घेरते हुए कही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से पिछले साढ़े चार वर्षों में अब तक केवल एक बार जनजातीय सलहाकार परिषद की बैठक करवाई हैं, जिसके बाद अब तक संवैधानिक परिषद की बैठक नहीं होने से जिला के कई मुद्दों को सरकार के समक्ष रखने क़ा मौका नहीं मिला है। इससे ना केवल जिला का विकास रुका है बल्कि जिला की विभिन्न समस्याएं भी सरकार के समक्ष रखने के लिए जनप्रतिनिधियों व जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्यों समयनहीं दिया गया है।
विधायक ने कहा कि जनजातीय सलहाकार परिषद , की बैठक वर्ष में दो बार होती है जिसके अध्यक्ष स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री होते है,लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जनजातीय लोगों के साथ भेदभाव कर इस अहम बैठक को नहीं करवाया। यही वजह है कि जिसके चलते आज प्रदेश समेत जिला के विकास के काम रुके हुए है और ख़ासकर जिला के अंदर मुख्य समस्या नोतोड़, एफ आर ए जैसे मुद्दों पर चर्चा भी नहीं हुई जिससे जिला में जनता परेशान है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ना तो जनजातीय समुदाय के लोगों के हित में काम करती है ना ही जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर ध्यान देती है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनावों मे जनता प्रदेश सरकार को करारा जवाब देगी और सरकार की ओर से जनता की अनदेखी पर भी जवाब मांगेगी ।
