अरविंदर सिंह,हमीरपुर: अपनी मांगों को लेकर हिमाचल प्रदेश निर्माण कामगार संघ ने उपायुक्त हमीरपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन भेजा है। इस ज्ञापन में कामगार संघ की ओर से 15 महत्वपूर्ण मांगे शामिल की गई है।। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि भारत सरकार की ओर से असंगठित मजदूर जो भवन निर्माण एवं अन्य निर्माण कार्यों में लगे हुए है, ऐसे लोगों के लिए वर्ष 1996 में एक्ट बनाया गया जो हिमाचल में 4 दिसंबर 2008 को लागू हुआ। इसे गंभीरता से लेते हुए संगठन ने अति आवश्यक मांगों को मांग पत्र में शामिल किया है।
इस मांग पत्र में बोर्ड में श्रमिकों का पंजीकरण एवं योजनाओं की लाभ राशि वितरण किया जाए, पुराने एवं नए सभी पंजीकृत निर्माण कामगारों के मोबाइल आधार व बैंक खाते का डाटा शीघ्र ऑनलाइन फीड किया जाए, ऑफलाइन में बनी सभी पंजीकृत निर्माण कामगारों के कार्ड को शीघ्र ऑनलाइन किया जाए, बोर्ड की ओर से श्रमिकों की पेंशन को 1000 से बढ़ाकर 3000 रुपए किया जाए, निर्माण कामगारों की पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाते हुए स्व घोषणा के अनुसार 90 दिनों का काम करने का प्रमाण ओर श्रम संगठनों से संबंधित ट्रेड यूनियन के प्रमाण पत्र को वैद्य माना जाए। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार बोर्ड की 16 सदस्य राज्य सलाहकार समिति का गठन केंद्र श्रम संगठन की अनुशंसा पर किया जाए।
भारतीय मजदूर संघ जिला हमीरपुर के अध्यक्ष तिलक राज का कहना है कि केंद्रीय मजदूर संघ ओर राज्य मजदूर संघ के आवाह्न पर मांगों को लेकर ज्ञापन देश के प्रधानमंत्री ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि कामगारों के लिए चलाई जा रही सभी सुविधाओं को ऑनलाइन किया जाए। सुविधाएं ऑनलाइन होने से इनका लाभ प्राप्त करने में लाभार्थियों को आसानी होगी।
