अनिल कुमार, किन्नौर: बीते कल आजाद भारत के पहले मतदाता मास्टर श्याम सरन नेगी की 106 वर्ष की आयु में मृत्यु हो गई। मास्टर श्याम शरण नेगी ने अपनी मृत्यु से पहले वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए अपना अंतिम मतदान अपने घर पर ही किया था। वहीं उनकी मृत्यु की खबर मिलने के बाद रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने मास्टर श्याम सरन नेगी के निवास स्थान पहुंच कर उनके परिजनों से मुलाकात की। राजीव कुमार ने श्याम सरन नेगी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
उन्होंने कहा कि दिवंगत आत्मा के लिए सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम सब देशवासी मतदान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लें और लोकतंत्र की नींव को और सुदृढ़ करें। उन्होंने कहा कि श्याम सरन नेगी 70 सालों से ऊपर लगातार मतदान करते रहे थे और जाते जाते भी पोस्टल बैलट के माध्यम से 2 नवंबर 2022 को मतदान कर वह अपना फर्ज अदा कर गए। श्याम सरन नेगी की यह कर्तव्य निष्ठा, युवा मतदाताओं के लिए एक मिसाल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग स्वतंत्र भारत के पहले मतदाता के लोकतंत्र में अदम्य भावना और विश्वास को सलाम करता है।
उन्होंने कहा कि सम्मानित बुजुर्गों के लोकतंत्र में निरंतर भागीदारी से निष्पक्ष, पारदर्शी, समावेशी और सुगम चुनाव करवाते रहने की जिम्मेवारी का अहसास और बढ़ जाता है।
परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान, श्याम सरन नेगी के पुत्र राजीव कुमार की ओर से श्याम सरन नेगी को भेजे गए एक आभार पत्र के बारे बताया गया। उन्होंने बताया कि श्याम सरन नेगी पत्र को पढ़कर बहुत खुश थे और उन्होंने कहा था कि वह परिवार के युवाओं को लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी के लिए वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
