मंडी : धर्मवीर (TNS)-सोने से भी मंहगे दाम में बिकने वाला चिट्टे का नशा बेहद ही खतरनाक है, इसे सभी नशों में सबसे स्ट्रांग भी माना जाता है। यह नशा सीधा दिमाग पर असर करता है और थोड़ी सी डोज ज्यादा होने पर युवा सीधा मौत का ग्रास बन रहे हैं। पूरे प्रदेश सहित मंडी जिला में भी लगातार चिट्टे की ओवरडोज से लगातार युवाओं की मौ+तें हो रही है। लेकिन माता-पिता व परिजन इस जानकारी को छिपा रहे हैं।
जानकारी पुलिस तक नहीं पहुंचने दे रहे परिजन
साल 2023 की ही बात की जाए तो अब जिला जिला में चिट्टे की ओवरडोज से 7 युवा दम तोड़ चुके हैं। बीते दो दिन पहले ही 19 वर्षीय एक युवा की चिटटे की ओवरडोज से मौत हुई है। अधिकतर माता-पिता व परिजनों को इस बात की जानकारी होती है कि उनका बेटा इस नशे में सेवन कर रहा है। इसके बावजूद माता पिता इस बात को सबसे छिपाकर रख रहे हैं। समाज की उदासीनता भी चिट्टे जैसे जानलेवा नशे के फैलने का मुख्य कारण भी बन रही है। मंडी पुलिस के अनुसार किसी भी थाने में चिट्टे की ओवरडोज से मौ+त का मामला तक दर्ज नहीं हैं। चिट्टे के नशे के आदि हो चुके नशेड़ी युवक के माता-पिता व परिजन भी इस जानकारी को पुलिस के पास पहुंचने नहीं दे रहे हैं।
अफगानिस्तान से पाकिस्तान के रास्ते हिमाचल पहुंच रहा सरहदी चिट्टा
हिमाचल में मौजूदा समय में दो प्रकार चिट्टा यहां पहुंच रहा है। एक अफगानी से पाकिस्तान होते हुए देश के कोने कोने में पहुंच रहा है। हिमाचल में यह चिट्टा पंजाब से यहां लाया जा रहा है। जिसे सरहदी चिट्टे के नाम से जाना जाता है। वहीं दूसरे प्रकार का नाईजिरियन चिट्टा दिल्ली से यहां लाया जा रहा है, जिसे नाइजीरिया के निवासी इसे बेच रहे हैं। सरहदी चिट्टे की ओवरडोज से युवा लगातार मौ+त का ग्रास बन रहे हैं। इस चिटटे की ओवरडोज से 80 प्रतिशत नशेड़ियों के मरने की संभावना बढ जाती है।मंडी जिला में अभी तक 195 मामले एनडीपीएस के दर्ज हो चुके हैं, जिसमें सितंबर माह तक 253 नशे के सौदागरों को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचाया है।
एजेसिंया अपराधियों की सप्लाई चेन को तोड़ने में जुटी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर चंद्र ने बताया कि पुलिस लगातार नशे के काले कारोबार में संलिप्त अपराधियों को सलाखों के पीछे पंहुचा रही है। सभी एजेसिंया इन अपराधियों की सप्लाई चेन को तोड़ने में जुटी हुई हैं। आज के इस दौर में नशें के चंगुल में फंस चुके युवाओं को बाहर निकालने का प्रयास होना चाहिए। इस प्रयास में सारे समाज को एकजुट होने की आवश्यकता है, ताकि घर के चिरागों को बुझने से बचाया जा सके।
