राकेश, ऊना: ऊना के सरकारी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। यह आरोप ऊना अस्पताल में बच्चे की डिलवरी के लिए दाख़िल की गई एक महिलाके परिजनों की ओर से लगाए गए हैं। मामले के तहत उन अस्पताल में एक महिला को डिलीवरी के लिए दाखिल करवाया गया था अस्पताल में महिला की नॉर्मल डिलीवरी हुई लेकिन इसके बाद महिला को कुछ दिक्कत आई जिसको लेकर लड़की के परिजनों ने डॉक्टर को बुलाया और लड़की की तबीयत बिगड़ने की बात कही।
डॉक्टरों ने मामला बिगड़ता देख लड़की को चंडीगढ़ पीजीआई के लिए रेफर किया लेकिन परिजनों का आरोप है डॉक्टरों की ओर से इलाज़ में लापरवाही बरते जाने के कारण उनकी लड़की की मौत हो गई। वह लड़की का शव चंडीगढ़ से लेकर आए। परिजनों ने इंसाफ़ की मांग को लेकर लड़की की डेड बॉडी को सड़क पर रखकर रेड लाइट चौक पर जाम लगाया और डॉक्टर को मौके पर बुलाने की जिद्द पर अड़े रहे।
चौराहे पर डेड बॉडी रखकर प्रदर्शन के दौरान चारों तरफ गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। मौके पर जिला प्रशासन भी पहुंचा और गुस्से में आए परिजनों को जाम खुलवाने के लिए बड़ी मशक्कत करता देखा गया। परिजनों की ओर से इस मामले में डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की जा रही हैं। परिजनों के मुताबिक उनकी बेटी की नॉर्मल डिलीवरी हो गई थी उसके बावजूद भी डॉक्टर की ओर से इलाज में लापरवाही बरती गई ,जिस कारण उनकी बेटी की मौत हुई हैं।
मृतक लड़की की अभी करीब 2 साल पहले ही शादी हुई थी अपनी बेटी के मौत की खबर को सुनकर परिजनों का बुरा हाल था और शव सड़क पर रखकर वह इंसाफ की मांग कर रहे थे।
वहीं लड़की के परिजनों की ओर से सड़क पर जाम लगाने की खबर मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा ओर परिजनों को जाम खोलने के लिए मनाते देखे गए, लेकिन परिवार वाले जाम खोलने को तैयार नहीं हो रहे थे ओर मौके पर डॉक्टर को बुलाने की जिद्द पर अड़े हुए थे। पुलिस ने इस पूरे मामले में इंसाफ किए जाने की बात कही हैं। अधिकारियों के मुताबिक उन्होंने इस मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने और मृतक लड़की का ऊना हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम किए जाने का आश्वासन दिया हैं, जिसके बाद परिजन शांत हुए और जाम को खोला गया। पुलिस ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की किए जाने का परिजनों को भरोसा दिया हैं। पुलिस ने साफ किया है महिला की मौत कितने बजे हुई इसका पूरा पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही लग पाएगा।
