अरविंदर सिंह,हमीरपुर: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) हमीरपुर में गुरुवार को 74वां गणतंत्र दिवस बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। मुख्य संसदीय सचिव हिमाचल प्रदेश संजय अवस्थी ने इस अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पुलिस, होमगार्ड, भारतीय रिज़र्व बटालियन सकोह, एनसीसी ओर स्काउट एवं गाईड की टुकड़ियों की ओर से प्रस्तुत आकर्षक मार्चपास्ट की सलामी ली।
इस अवसर पर अपने संबोधन में संजय अवस्थी ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रत्येक हिमाचलवासी ने राज्य के विकास की लंबी यात्रा में अपना योगदान दिया हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति है और सत्ता संभालने के बाद भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर को निलंबित कर दिया गया है और अब चयन पूर्ण रूप से योग्यता के आधार पर निष्पक्षता और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। प्रदेश सरकार को करोड़ों रुपये का ऋण विरासत में मिला हैं। कर्मचारियों को एरियर के रूप में 4,430 करोड़ रुपये, पेंशनरों की देनदारी 5,226 करोड़ रुपये ओर कर्मचारियों और पेंशनरों को डीए 1,000 करोड़ रुपये बकाया हैं। इसके अलावा, पिछली सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम 9 महीनों में बजट का प्रावधान किए बिना 900 संस्थान खोले और स्तरोन्नत किए, इससे प्रदेश पर 5 हज़ार करोड़ रुपए का आर्थिक बोझ पड़ा। एनपीएस के लगभग 8,000 करोड़ रुपए केंद्र सरकार के पास हैं। इन सभी कठिन परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा किया है, जिससे राज्य के लगभग 1.36 लाख कर्मचारियों को लाभ हुआ है।
उन्होंने कहा कि ओपीएस को बहाल करना राजनीतिक निर्णय नहीं हैं,अपितु यह निर्णय सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों के आत्मसम्मान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है, क्योंकि कर्मचारियों की राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से प्रदेश सरकार की सभी योजनाओं का लाभ उन सभी पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने का आह्वान किया जो अभी तक इन योजनाओं के लाभों से वंचित हैं।
