Chamba, Manjur Pathan-:चंबा जिला के मसरूंड रेंज के छतरी ब्लॉक में अवैध कश्मल निकासी को लेकर हालात गंभीर बने हुए हैं। यहां ग्रामीण पिछले एक महीने से अधिक समय से सर्द रातों में जंगलों की पहरेदारी करने को मजबूर हैं। आरोप है कि सलोह बीट के कई इलाकों में निजी भूमि की आड़ में सरकारी भूमि से कश्मल निकाली जा रही है, जबकि वन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही। शून्य तापमान में रातें बिताकर ग्रामीण जंगलों की सुरक्षा कर रहे हैं और अब उन्होंने प्रदेश सरकार से जल्द हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा से बचा जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि बीते डेढ़ महीने से सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कश्मल निकाली जा रही है। इस पर रोक लगाने के लिए स्थानीय लोग खुद आगे आए हैं और सर्द मौसम के बावजूद रातभर पहरा दे रहे हैं। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद वन विभाग मौके पर नजर नहीं आता।स्थानीय युवाओं का कहना है कि अवैध तरीके से कश्मल निकासी लगातार जारी है। मजबूरी में उन्हें शून्य तापमान में रातभर जंगल की रखवाली करनी पड़ रही है। एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन वन विभाग की कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली। ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली और मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वन विभाग का पक्ष
वहीं इस मामले पर डीएफओ वन मंडल चंबा कृतज्ञ ठाकुर का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार वन विभाग सख्ती बरत रहा है। विभाग ने विशेष टीमें गठित की हैं और केवल निजी भूमि से ही कश्मल खरीदने की अनुमति है। उन्होंने बताया कि टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि रात और शाम के समय संदिग्ध वाहनों की जांच कर उन्हें जब्त किया जाए।
