अरविंदर सिंह,हमीरपुर: प्रदेश में पशुओं में फैले लंपी वायरस के चलते लगातार पशुओं की मौत हो रही है। शुक्रवार को इस वायरस से पिछले 24 घंटे में 170 गौवंशों की मौत हो गई है। गौ वंशों की लगातार हो रही मौत पर विश्व हिंदू परिषद ने चिंता व्यक्त की है।
विश्व हिंदू परिषद गौ रक्षा विभाग विलासपुर विभाग प्रमुख अनिल शर्मा ने कहा ‘ऊपर वाले तू तरस भी खा, अब कहर छिपा नकाबों में गाय हमारी माता है क्यों लिखा किताबों में।
उन्होंने कहा की लंपी वायरस से इतनी बड़ी संख्या में दुधारू पशुओं की मौत से पशु मालिकों को बड़ी कठिनाई हुई है। हिमाचल में लंपी वायरस से मरने वाले पशुओं की संख्या बढ़कर 2,630 पहुंच गई है। इस बीच 35,147 एक्टिव केस हैं, जबकि 61,201 पशु इस संक्रमण से ग्रसित होने के बाद ठीक हो चुके है। अनिल शर्मा ने कहा लंपी वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों ने पशुपालकों को चिंता में डाल दिया है। पशुपालन विभाग भी इस पर लगातार निगरानी रखे हुए है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से चला लंपी वायरस राज्यस्थान के रास्ते अब हिमाचल में भी पैर पसार चुका है। अनिल शर्मा ने कहा विश्व हिन्दु परिषद गौ सेवा विभाग हिमाचल प्रदेश का एक प्रतिनिधि मंडल जल्द ही इसी संबंध में पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कवंर को मिलेगा व उनसे विभाग को तुरंत निर्देशित करने ओर प्रभावी कदम उठाने की पुरजोर मांग करेगा की लंपी वायरस से पशुओं की हो रही मौत से किसान-बागवान को मुआवजा दिया जाए।
वह मांग करेंगे कि इस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने पशुपालन विभाग में वेटरनरी डॉक्टरों के ट्रांसफर तुरंत प्रभाव से रद्द करे और पशुपालन विभाग की ओर से गौवंश रक्षक हैल्पलाईन बनाई जाए। उन्होंने कहा कि हजारों की तादाद में गौवंश इस वायरस की चपेट में आने से अत्यंत पीड़ा में है। उन्होंने सरकार से अपील है कि अमृत महोत्सवों से अपना ध्यान हटाकर प्रदेश के पशु पालकों की इस बड़ी समस्या की तरफ भी अपना ध्यान दें। उन्होंने कहा कि लंपी वायरस से बेसहारा गौवंश का टीकाकरण अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है, हालांकि, विभाग की तरफ से बेसहारा गौवंश के टीकाकरण के लिए विशेष अभियान की बात की जा रही है।
