मंडी : धर्मवीर – आसमान से आफत बनकर बरसी बारिश ने पंडोह के सांबल निवासी 22 वर्षीय नितेश के हंसते खलते परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। 28 दिन बीत जाने के बाद भी पत्नी, बहन और बेटी अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है, छोटी बहन और मां नेरचौक मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन है। मां का तीन बार आप्रेशन करके टांग को घुटने से उपर तक काटा जा चुका है।
घायल मां व बहन के उपचार के चलते अस्पताल बनी है शरणस्थली
मलबे में दबने के कारण नितेश की मां की टांग में गंभीर चोट लगी थी और इन्फेक्शन हो गया था। इस कारण अभी तक उनका तीन बार आप्रेशन करके टांग को घुटने से उपर तक काट दिया गया है। मां की आंखों की रोशनी पहले ही कम हो गयी थी, अब डॉक्टर आंखों के ऑपरेशन की बात कह रहे हैं। वहीं छोटी बहन गोपी की टांग में भी चोट लगी थी वह भी इसी अस्पताल में उपचाराधीन थी। मजबूरी यह बन गयी है कि अपनी दोनों बहनों के साथ ही अस्पताल में शरण लेनी पड़ी है। नितेश ने बताया कि छोटी बहन की स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और डॉक्टरों ने उसे छुट्टी भी कर दी है। नितेश ने बताया कि प्रशासन की तरफ से उसे पूरा सहयोग मिल रहा है। लेकिन नितेश अब इस बात को लेकर परेशान है कि जब मां को अस्पताल से छुट्टी हो जाएगी तो परिवार को कहां लेकर जाएगा। क्योंकि न तो घर बचा है और न ही जगह बची है। नितेश ने सरकार और प्रशासन से उसे सुरक्षित आसरा देने की गुहार लगाई है ताकि वो अपनी घायल मां को वहां पर रख सके।
बता दें कि बीती 14 अगस्त की सुबह सांबल गांव में नितेश के घर पर नाले का भारी मलबा आ गया। इस कारण नितेश का घर मलबे में पूरी तरह से दब गया और साथ में 18 वर्षीय पत्नी मोनिका, 17 वर्षीय बहन रविता और 6 माह की दुधमुंही सानिया भी इस मलबे में दब गई। 45 वर्षीय माता रचना देवी और 11 वर्षीय एक अन्य बहन गोपी मलबे की चपेट में आने से घायल हो गई। नितेश और उसकी एक अन्य 15 वर्षीय बहन जाहन्वी खुद को बचाने में कामयाब हो सके। लापता पत्नी, बहन और बेटी के शवों की तलाश के लिए प्रशासन की तरफ से लगातार सर्च आप्रेशन चलाया गया है लेकिन अभी तक शवों का कहीं कोई पता नहीं चल सका है।
