संजू चौधरी, शिमला: प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने हुए अभी दो ही दिन हुए हैं। बीते कल ही प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपना पदभार संभाला है। इन 2 दिनों के भीतर कांग्रेस सरकार की ओर से कुछ फ़ैसले लिए गए हैं। सरकार की ओर से लिए गए फैसलों से बीजेपी की परेशानी बढ़नी शुरू हो गई हैं। यही वजह है कि बीजेपी की ओर से कांग्रेस सरकार पर बदले की भावना से काम करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं बीजेपी की ओर से सरकार को यह चेतावनी भी दी गई है कि अगर सरकार जनता विरोधी निर्णय लेती है तो विपक्ष इसे हरगिज़ बर्दाश्त नहीं करेगा।
प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही बीजेपी सरकार के पिछले 8 महीनों के फैसलों को रिव्यू करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही रोहतांग अटल टनल की शिलान्यास पट्टिका को बदल कर शिलान्यास पट्टिका पर सोनिया गांधी का नाम शामिल करने के आदेश भी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से दिए गए हैं। सरकार की ओर से दिए गए इन्हीं फैसलों का विरोध अब बीजेपी जता रही है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा ने शिमला में पत्रकार वार्ता कर कांग्रेस की सुखविंदर सिंह सरकार को चेताया है कि हिमाचल के हित में काम करेंगे तो सहयोग किया जाएगा, नहीं तो विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के पहले ही दिन लिए निर्णय जन विरोधी है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार के 1 अप्रेल 2022 के बाद लिए निर्णयों को रिव्यु करना गलत है।
उन्होंने कहा कि जयराम सरकार ने पहले दिन से जनता के हित में काम किया हैं ओर कांग्रेस का यह तुग़लकी फरमान हैं जिसकी बीजेपी निंदा करती हैं। यह तानाशाही पूर्ण रवैया हैं ओर मुख्यमंत्री को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। रणधीर शर्मा ने कहा कि अगर उन्हें भगवान ने मौका दिया हैं तो वह जनहित में काम करें। विपक्ष जनहित के मुद्दों पर उनका सहयोग करेगा और अगर जनता के हितों के खिलाफ काम किया गया तो आंदोलन से पीछे नहीं हटेगा। वहीं रोहतांग टनल की शिलान्यास पट्टीका को पुनः स्थापित करने के फैसले पर रणधीर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार शिलान्यास पट्टिका को पुनः स्थापित करना चाहती है यह उनका निर्णय है, लेकिन यह टनल पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी का सपना था।
पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन किया हैं। अटल जी का नाम जनता के दिलो में है। कांग्रेस सरकार अगर अटल बिहारी वाजपेयी का नाम इससे हटाना चाहती हैं तो बीजेपी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दबाव में है। पहले मंत्रिमंडल का गठन करने के बजाए वह कुछ ओर कर रहे है ओर दिखाने के लिए ऐसे निर्णय ले रहें हैं।
