बिलासपुर /सुभाष ठाकुर- एसीसी सीमेंट फैक्ट्री बरमाणा द्वारा नगर परिषद घुमारवीं के सूखा कूड़ा लेने से इनकार करने के बाद शहर से रोजाना निकलने वाला सुखा कूड़ा नगर परिषद घुमारवीं के लिए एक चुनौती बन गया है। इसका सबसे बड़ा कारण नगर परिषद घुमारवीं की ओर से कूड़े की समस्या के निपटान को लेकर शहर में कूड़ा संयंत्र केंद्र स्थापित ना कर पाना है , जो अब नगर परिषद के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
इस तरह की गई थी व्यवस्था
परेशानी यह है कि नगर परिषद घुमारवीं द्वारा पिछले दो-तीन वर्षों से गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग लेने के लिए डोर टू डोर कूड़े की कलेक्शन शुरू की गई थी । ये योजना काफी हद तक कारगर भी साबित हुई और कई सालों तक शहर के बीचो बीच लगने वाले कूड़े के ढेर से शहरवासियों को भी निजात मिल गई थी । सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग लेकर इसके लिए नगर परिषद ने एक व्यवस्था बनाई जिसके तहत गीला कूड़ा सूअर फार्म के लिए भेजा जाने लगा और सूखे कूड़े के लिए नगर परिषद ने एसीसी सीमेंट फैक्ट्री बरमाना भेजा जाने लगा। पिछले काफी समय से शहर के कूड़े की समस्या हल होती नजर आ रही थी, लेकिन अचानक एसीसी सीमेंट फैक्ट्री बरमाणा द्वारा सूखा कूड़ा लेने से इनकार करने के बाद अब एक सप्ताह में ही सूखे कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं।
कूड़ा फेंकने पर लोगों ने जताई आपत्ति
हालांकि जहां यह कूड़ा फिलहाल फेंका जा रहा है, वहां पर साथ लगते घरों ,दुकानदारों तथा शिक्षण संस्थानों ने पहले ही इसका विरोध करते आ रहे हैं। बावजूद इसके इस कूड़े को यही फैंका जा रहा था। धीरे-धीरे इस कूड़े का निपटान फैक्ट्री को भेजकर किया जा रहा था। लेकिन फैक्ट्री द्वारा अचानक कूड़ा लेने से इनकार करने के बाद अब यह कूड़ा नगर परिषद के लिए एक चुनौती बन गया है।
