किन्नौर -अनिल कुमार: विधायक जगत सिंह नेगी और सूरत नेगी भाजपा सरकार के कार्यकाल के पिछले साढ़े चार वर्षों में एक दूसरे पर हमला करते रहे है। अब विधायक जगत सिंह नेगी ने प्रदेश वन निगम उपाध्यक्ष सूरत नेगी को लकड़हारा कहकर विवादित ब्यान दिया है। विधायक किन्नौर जगत सिंह नेगी ने रिकोंगपिओ में प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश वन निगम उपाध्यक्ष सूरत नेगी के पद को लेकर विवादित ब्यान दिया है जिसमें विधायक ने सूरत नेगी को प्रदेश वन निगम उपाध्यक्ष की जगह लक्कड़ हारा कहा है।
विधायक ने कहा कि जिला के अंदर वन डिपुओं में लकड़ी की भारी कमी चली हुई है जिसके चलते किसी व्यक्ति का देहांत हो जाता है तो दाह संस्कार के लिए वन डिपुओं में लकड़ी नहीं है। ऐसे में लोगों को परेशानियों क़ा सामना करना पड़ रहा है,लेकिन सूरत नेगी अपने वन निगम क़ा काम छोड़कर जिला के दूसरे कार्यों मे उलझें हुए है जो उनका काम ही नहीं है।
विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि जिला के अंदर अब सर्दियों क़ा दौरा दोबारा शुरू होने वाला है। ऐसे में लोग सर्दियों मे ठंड से बचने के लिए चूल्हे में आग जलाने के लिए वन डिपुओं के बालन लकड़ियों पर निर्भर है, लेकिन पिछले साढ़े चार वर्षों में जिला के अंदर वन डिपुओं मे बालन लकड़ी की कमी के चलते लोगों को परेशानियों क़ा सामना करना पड़ा है। ऐसे में उन्होंने सूरत नेगी पर आरोप लगाते हुए कहा कि सूरत नेगी अपने डिपो मे बालन लकड़ी के काम को छोड़कर जिला की राजनीति मे उलझें हुए है।
उन्होंने कहा कि आज वन निगम प्रदेश के अंदर घाटे मे चला हुआ है लेकिन प्रदेश सरकार वन निगम को बंद नहीं कर रही है और वन निगम के उपाध्यक्ष पर जनता के लाखों रूपए खर्च कर रही है जिससे सरकार को भी फिज़ूल खर्ची कर घाटा हो रहा है।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश वन निगम उपाध्यक्ष सूरत नेगी अपने डिपो में बालन लकड़ी की समय रहते व्यवस्था करे और लोगों को सर्दियों के आने से पूर्व हर वन डिपो मे बालन लकड़ी मिले ताकि लोगों को परेशानियों क़ा सामना न करना पड़े।
