राहुल चावला,धर्मशाला: राष्ट्रीय स्तर की तीन सदस्यीय टीम इन दिनों जोनल अस्पताल धर्मशाला के दौरे पर है। यह टीम अस्पताल में दी जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन कर रही है जिसके बाद अस्पताल को इसके आधार पर नेशनल लेवल एक्रीडेशन दी जाएगी। टीम के सदस्यों की ओर से अस्पताल में भी दी जा रही सुविधाओं की गुणवत्ता के मानकों का मूल्यांकन किया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर के मानकों पर यदि जोनल अस्पताल धर्मशाला खरा उतरता है तो अस्पताल को राष्ट्रीय स्तर पर एक्रीडिटेशन मिलेगी। इसके बाद अस्पताल को प्रति बेड प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए यानी 25 से 30 लाख की राशि प्राप्त होगी। इस राशि से अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं को और बेहतर किया जा सकेगा।
जोनल अस्पताल धर्मशाला ने नेशनल क्वालिटी एस्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्यूएसए) के लिए सितंबर माह में स्टेट सर्टिफिकेशन प्रदेश स्तरीय टीम से करवाई थी। इसके बाद प्रदेश सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्तर की एक्रीडेशन के लिए भारत सरकार और नेशनल हेल्थ सिस्टम रिसोर्स सेंटर प्रपोजल भेजी थी। नेशनल हेल्थ सिस्टम रिसोर्स सेंटर स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से अधिकृत नोडल एजेंसी है, जिसके चलते तीन सदस्यों की राष्ट्रीय टीम जोनल अस्पताल धर्मशाला के नेशनल क्वालिटी एस्योरेंस स्टैंडर्ड का मूल्यांकन करने पहुंची है।
जोनल अस्पताल धर्मशाला के सीनियर मेडिकल सुपरीटेंडेंट डॉ. राजेश गुलेरी ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर एक्रीडेशन से अस्पताल की विश्वसनीयता बढ़ती है। स्टेट सर्टिफिकेशन होने पर जोनल अस्पताल को 5 लाख रुपए की राशि प्राप्त हुई है। राष्ट्रीय स्तर की एक्रीडेशन मिलने पर अस्पताल को 10 हजार रुपए प्रति बैड प्रति वर्ष यानी 25 से 30 लाख रुपए की राशि अस्पताल को हर वर्ष अस्पताल की सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्राप्त होगी।
स्टेट सर्टिफिकेशन में 87 रहा स्कोर
स्टेट सर्टिफिकेशन में जोनल अस्पताल का स्कोर 100 में से 87 फीसदी रहा था, लेबर रूम एस्योरेंस में 89 फीसदी स्कोर अस्पताल ने हासिल किया था। तीन सदस्यीय टीम में कश्मीर से प्राइवेट आब्जर्वर डॉ. मुश्ताक अहमद, प्राइवेट आब्जर्वर सर गंगा राम अस्पताल से डॉ. कर्नल ज्योति कोतवाल और सरकारी क्षेत्र से मध्य प्रदेश से डॉ. सुधीर कुमार शामिल हैं। अस्पताल के 16 विभागों का मूल्यांकन किया जा रहा है।
