मंडी/परी शर्मा– छोटी काशी मंडी शहर के बाजारों में हवा में लटका तारों का जाल जी का जंजाल बना हुआ है। जंहा तक नजर दौड़ाओं वंहा तक तारे ही तारे आपको नजर आएगी। मंडी शहर को स्मार्ट सीटी बनाने की कवायद भी चली हुई है। पहले जहां कुछ ही तारें होती थीं। अब बिजली, टेलीफोन के साथ केबल की तारें भी इनमें उलझी है जो शहर की सुंदरता को बदनुमा कर रही है और तारों का ये जाल हादसो को भी न्यौता दे रहा है।
छोटी काशी कहा जाने वाला हिमाचल का मंडी शहर तारों के जाल से घिरा हुआ है। शहर के मुख्य चौराहों, गलियों सड़को जंहा तक नजर दौड़ाओं आपकों तारे ही झुलती नजर आएंगी जो इस खुबसूरत शहर को बदनुमा बना रही है। बेतरतीब ढ़ग से डाली गई तारों के जंजाल से हादसों का डर हमेशा सताता रहता है। मंडी शहर में तारों का जाल दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। शहर में आलम ये है कि हर साल तारों की संख्या बढ़ती जा रही है। तारों का जाल हर बार आग का कारण बनता है। कई बार तो बंदरों के फंसने के चलते भी आग लगने की आशंका बनी रहती है और बंदर इन तारों पर झूलते हुए अक्सर शहर की गलियों में देखें गए है।
गुजरात सिस्टम की तरह यहां भी हो जाए
लोगों का कहना है कि सरकार और विभाग को इस और ध्यान देने और कार्य करने की आवश्यकता है। जो सिस्टम गुजरात में है अगर ऐसा यंहा भी हो जाए तो अच्छा है। उन्होने कहा कि नई सरकार के पास इस व्यवस्था को सुधारने के क्या प्लान है ये तो सरकार बेहतर बताएगी , लेकिन तारों के जंजाल से शहर बदनुमा नजर आ रहा है। इस चीज की तरफ ध्यान देने की जरूरत है। लोगों को कहना है कि खुले में डाली गई तारे घरों से भी लगती है। ऐसे में अगर कोई अनहोनी होती है तो उससे काफी नुकसान भी होगा। ऐसे में इस ओर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है।
उप महापौर वीरेंद्र भट्ट ने ये कहा
नगर निगम मंडी के उप महापौर वीरेंद्र भट्ट ने कहा कि इसको लेकर पहले भी बिजली विभाग के एक्सईन से बात की थी और कार्यवाही करते हुए ऑपन में बने जंक्षन में बॉक्स लगाकर और तारों को रिपेयर भी किया था। उन्होने कहा कि जो जो भी खतरनाक स्थान है जंहा बेतरतीब ढंग से डाली गई तोरों को ठीक करने का आग्रह किया जाएगा ताकि खतरे से बचा जा सके।
गौरतलब है कि मंडी शहर को टाईलों, यंहा के रास्तों को तो पक्का कर चकाचक कर दिया गया है। शहर दुधिया लाइटो से भी रात को चमकता है लेकिन तारों के जाल से अभी तक कोई भी सरकार मुक्ति नही दे पाई है। मंडी शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद भी चली हुई।
