मंडी : परी शर्मा – ऐसा आखिर कौन व्यक्ति होगा, जो बांके बिहारी की पवित्र भूमि पर आना नहीं चाहेगा। श्री बांके बिहारी जी के दर्शन कर अपने को कृतार्थ करना नहीं चाहेगा। आज छोटी काशी मंडी के वासियों ने मंडी में ही बांके बिहारी के दर्शन कर पुण्य कमाया। तारा रात्रि के बाद 15वें दिन उतरप्रदेश के बांके बिहारी के रूप में बाबा भूतनाथ को सजया गया।
बाबा भूतनाथ मंदिर में शिवलिंग पर शनिवार को बांके बिहारी का रूप उकेरा गया। महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि अब तक करीब डेढ़ क्विंटल मक्खन बाबा के शिविलंग पर चढ़ चुका है। तारा रात्रि के बाद 15वें दिन उतरप्रदेश के बांके बिहारी के रूप में सजया गया और ये श्रृंगार महा शिवरात्री तक चलेगा, श्रृंगार की यह पंरपंरा प्राचीन काल से चली आ रही है। उन्होने कहा कि देश के किसी एक राज्य में स्थापित मंठ या प्राचीन देवी देवता के रूप में हर दिन श्रृंगार किया जा रहा है और आज भोले शंकर को बांके बिहारी के रूप में सजया गया है। जिनके दर्शनों के लिए मंदिर में भीड़ लगी रही और श्रद्धालुओं ने कन्हईया के दिदार किए। मंदिर के मंहत ने बताया कि श्रीधाम वृन्दावन, यह एक ऐसी पावन भूमि है, जिस भूमि पर आने मात्र से ही सभी पापों का नाश हो जाता है। बिहारी के दर्शन से लोग धन्य हो जाते है। उन्होंने बांके बिहारी मंदिर का इतिहास भी बताया।
