1सोलन/योगेश शर्मा – आज के आधुनिक युग में भी हमारी परंपराएं हमारी समृद्ध संस्कृति से जुड़े हुए हैं । ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि वर्षों से भारत में दशहरे का त्यौहार धूमधाम से मनाया जाता है । जिसके लिए दशहरे से पहले रामलीला का मंचन किया जाता है । यह रामलीला का मंचन आज भी पारंपरिक ढंग से ही आयोजित किया जाता है ।
डिजिटल युग आने के बाद भी रामलीला का प्रचलन समाप्त नहीं हो पाया है। आज भी युवा बेहद जोश के साथ रामलीला में भाग लेते हैं और अपने-अपने किरदार बखूबी निभाते हैं। सोलन जगदंबा रामलीला मंडल के निदेशक हरीश मरवाह ने कहा कि सोलन में रामलीला 24 सितंबर से आरंभ की जा रही है जिसकी तैयारियां करीबन डेढ़ माह पहले ही कर दी गई है। उन्होंने बताया कि रामलीला मंचन के लिए युवाओं में बेहद जोश दिखाई दे रहा है। सभी बेहद श्रद्धा के साथ रामलीला की तैयारियां कर रहे हैं।
उन्होंने सोलन के युवाओं से आग्रह किया है कि अगर वह भी इस रामलीला में भाग लेना चाहते हैं तो वह जगदंबा रामलीला मंडल से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते 2 वर्षों से रामलीला का मंचन नहीं हो पाया था लेकिन इस बार दोगुने उत्साह के साथ रामलीला की तैयारियां की जा रही है जिसमें सभी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
