संजीव महाजन,नूरपुर: नूरपुर के सूलयाली गांव की 5 वर्षीय उर्वशी अद्भुत प्रतिभा की धनी हैं। इस नन्ही सी बच्ची को राष्ट्रीय गान,गायत्री मंत्र के साथ ही अनेकों मंत्र उंगलियों पर याद हैं। छोटी सी उम्र में ही उर्वशी को जो बातें उसके माता पिता की ओर से सिखाई जाती हैं उर्वशी को वो बातें याद रहती हैं। नर्सरी कक्षा में पढ़ने वाली उर्वशी ने अपनी इस प्रतिभा से सबका दिल जीत लिया हैं उर्वशी राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला में नर्सरी कक्षा में पढ़ती हैं।
उर्वशी बचपन से हर बात ध्यान से सुन कर , हर काम को ध्यान से देख कर बहुत जल्दी सीख जाती हैं स्कूल में भी यह उर्वशी अपनी कक्षा में हर काम में एक्टिविट रहती हैं यहां आज बहुत से बच्चों ,बड़ों को राष्ट्रीय गान , गायत्री मंत्र नहीं आते हैं पर यह उर्वशी बिना देखे राष्ट्रीय गान,गायत्री मंत्र के साथ ही और भी कई मंत्र मौखिक जानती हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि जिस राष्ट्रीय गान गायत्री मंत्र को बड़े बच्चे भी आसानी से नहीं बोल पाते हैं उसे उर्वशी इस तरह से बोलती है मानो उसे बचपन से ही इस सब का ज्ञान हो।
उर्वशी के पिता एक दुकानदार हैं,तो वहीं माता गृहिणी है वह भी अपनी बच्ची की प्रतिभा से हैरान रह जाते हैं। उर्वशी की दो और बहने हैं लेकिन इन दोनों ही बहनों में उर्वशी बेहद अलग हैं और इसका दिमाग दोनों ही बहनों से बहुत ज्यादा तेज भी हैं। गांव के परिवेश में पल बढ़ रही इस बच्ची के पिता राजन बताते हैं कि उर्वशी छोटी उम्र से ही हर चीज जल्दी सीख जाती हैं। उर्वशी एक बार जिस भी चीज को देख या सुन लेती है वह उसे भूलती ही नहीं हैं। बहुत जल्दी चीजों को याद कर लेना और उन्हें समझ लेना उर्वशी बेहद जल्द कर लेती हैं।
माता-पिता को यह तो नहीं पता कि उर्वशी यह किस तरह से कर लेती है और उर्वशी में ऐसी क्या खास बात हैं, लेकिन वह अपनी बच्ची की प्रतिभा से फूले नहीं समाते हैं। उर्वशी के पिता राजन चाहते हैं कि उनकी बच्ची खूब पढ़ाई करें और किसी ऊंचे ओहदे पर काम करें। वहीं वह यहभी चाहते हैं कि जिस स्कूल में उर्वशी पढ़ाई कर रही हैं उसके शिक्षक भी उर्वशी की इस प्रतिभा को और ज्यादा ध्यान दें जिससे उर्वशी ज्यादा से ज्यादा चीजें जल्दी से जल्दी सीख सके।
