राकेश, ऊना: प्रदेश में आई भारी आपदा से करोड़ो का नुकसान प्रदेश को हुआ हैं। इस आपदा के नुकसान की भरपाई करने के लिए प्रदेश के विकास को दाव पर नहीं लगाया जाएगा। नुकसान के बावजूद भी प्रदेश के विकास की रफ्तार नहीं रुकेगी। यह बात शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के तहत रावमापा धुसाड़ा में 1.16 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित साईंस लैब का लोकार्पण ओर 13.33 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले राजकीय स्नातकोतर महाविद्यालय चौकीमन्यार के भवन की आधारशिला रखने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा से संबंधित दो कार्य अधर में लटके हुए थे जिसमें से साईंस लैब का लोकार्पण करके जनता को समर्पित कर दिया गया हैं ओर चौकीमन्यार में बनने वाले राजकीय महाविद्यालय के भवन के लिए सरकार बनते ही फोरेस्ट क्लीयरेंस करके भवन की आधारशिला रखी गई ताकि आने वाली पीढ़ी को क्षेत्र में बेहतर शिक्षा सुविधा मिल सके।
उन्होंने कहा की विकास कार्यों में धन की कमी आडे़ नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कॉलेज भवन की कार्य प्रगति होते ही चरणबद्ध तरीके से धनराशि मुहैया करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चौकीमन्यार में साईंस लैब के लिए आगामी वित्त में बजट का प्रावधान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिंतपूर्णी विस क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की सरकार में शिक्षा के क्षेत्र में काफी विस्तार हुआ था जिसमें तीन कॉलेज इस विस क्षेत्र में खोले गए थे।
उन्होंने कहा कि धुसाड़ा पाठशाला के सैंकडों विद्यार्थी देश व प्रदेश में विभिन्न उच्च पदों पर आसीन हुए हैं ओर इस क्षेत्र का नाम रोशन किया हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन परिणाम देने वाले शिक्षण संस्थानों में ढांचागत विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से विभिन्न श्रेणियों के 6 हज़ार पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की गई हैं। इससे आने वाले समय में शिक्षण संस्थानों में अध्यापकों व अन्य कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरा जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के सत्ता में आने पर हिमाचल प्रदेश में 3,145 प्राथमिक पाठशालाओं में केवल एक शिक्षक तथा 455 पाठशालाएं बिना शिक्षक के चल रही थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ऊना की सभी प्राथमिक पाठशालाओं में शिक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए प्रदेश सरकार ने हाल ही में लगभग 300 सहायक प्रोफेसर के पद दूर-दराज के क्षेत्रों में भरे ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को तकनीकी शिक्षा के प्रति आकर्षित करने तथा स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नए व्यवसाए शुरू किए जा रहे हैं।
