Shimla, Sanju-हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने सेब कारोबार को गहरे संकट में डाल दिया है। संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने कहा कि 1948 के बाद प्रदेश में इतनी भीषण बारिश देखने को मिली है। अब तक 450 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिसका सीधा असर किसानों और विशेषकर सेब बागवानों पर पड़ा है।
चौहान ने बताया कि प्रदेश में करीब 4 से 5 लाख पेटी सेब सड़कों के अवरुद्ध होने के कारण फंसा हुआ है। नेशनल हाईवे सहित राज्य की 1100 से अधिक सड़कें बंद हैं। ऐसे में बागवान अपनी फसल को मंडियों तक पहुंचाने में असमर्थ हैं। उन्होंने सरकार से मार्ग बहाली का काम युद्ध स्तर पर करने की मांग की।उन्होंने कहा कि इस बार की बारिश के लिए बागवान बिल्कुल तैयार नहीं थे। कई स्थानों पर सड़कें अभी तक नहीं खुली हैं और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चौहान ने हाल ही में संपन्न मानसून सत्र पर भी नाराजगी जताई और कहा कि सदन में किसी भी नेता ने बागवानों के मुद्दे को प्रमुखता से नहीं उठाया।
संयुक्त किसान मंच संयोजक ने मांग की कि जैसे प्रदेश सरकार सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने के लिए लोन लेती है, उसी तरह इस बार सेब बागवानी—जिसकी आर्थिक हैसियत करीब 5000 करोड़ रुपये की है—को बचाने के लिए भी सरकार को लोन लेकर बागवानों की आर्थिक मदद करनी चाहिए।
