Shimla, 7 November -:उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में जन्म और मृत्यु पंजीकरण का 100 प्रतिशत लक्ष्य हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जन्म और मृत्यु इंसान के जीवन की दो महत्वपूर्ण घटनाएं हैं और इनका समय पर पंजीकरण सुशासन की पहली कसौटी है।
उपायुक्त आज यहां जन्म और मृत्यु पंजीकरण के 100 प्रतिशत पंजीकरण को लेकर अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सभी खंड विकास अधिकारी और जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।अनुपम कश्यप ने कहा कि लोगों को इस विषय में अधिक जागरूक किया जाए ताकि भविष्य में किसी भी कार्य के लिए उन्हें प्रमाण पत्र की कमी न झेलनी पड़े। उन्होंने बताया कि यद्यपि जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण दिया गया है, फिर भी रिपोर्टिंग समय पर नहीं हो रही है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि रिपोर्टिंग में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए, अन्यथा नियमों के तहत जुर्माना लगाया जाएगा।
विवाह पंजीकरण भी करें सुनिश्चित
उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि विवाह के बाद निश्चित समय सीमा में विवाह पंजीकरण भी अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि विलंबित पंजीकरण की प्रक्रिया समयसाध्य और खर्चीली होती है, इसलिए समय पर पंजीकरण से नागरिकों को सुविधा मिलती है।
ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली और शुल्क विवरण
बैठक में बताया गया कि राज्य में सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) के माध्यम से 01 जुलाई 2015 से ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था लागू है, जिसके तहत वर्तमान में 569 पंजीकरण इकाइयां कार्यरत हैं।यदि कोई व्यक्ति 2015 से पहले के रिकार्ड का डिजिटल प्रमाणपत्र चाहता है तो उसे CRS पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा।
- 21 दिनों के भीतर पंजीकरण निशुल्क होगा।
- 21 से 30 दिनों के भीतर करने पर 20 रुपये लेट फीस लगेगी।
- 30 दिन बाद पंजीकरण पर 50 रुपये लेट फीस और जिला पंजीयक की स्वीकृति आवश्यक होगी।
- एक वर्ष बाद पंजीकरण पर 100 रुपये लेट फीस के साथ दस्तावेज अनिवार्य होंगे।
- परिवार रजिस्टर के आधार पर प्रमाणपत्र अमान्य
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि परिवार रजिस्टर के आधार पर जारी किए गए जन्म प्रमाणपत्र मान्य नहीं हैं। प्रमाणपत्र केवल जन्म रजिस्टर के आधार पर और सरकारी स्वीकृत फॉर्मेट में ही जारी किए जाएं।देरी करने वाले संस्थानों के जिम्मेदार अधिकारियों पर प्रति विलंबित पंजीकरण 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
जीरो रिपोर्टिंग यूनिट्स को निर्देश
बैठक में बताया गया कि शिमला ग्रामीण, ठियोग, चौपाल, नेरवा, कोटखाई, टिक्कर, रामपुर और डोडरा क्वार की 18 पंचायतें ‘जीरो रिपोर्टिंग रूरल रजिस्ट्रेशन यूनिट’ के रूप में चिन्हित हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि ये यूनिट्स जल्द से जल्द विलंबित पंजीकरण पूरे करें और भविष्य में जन्म-मृत्यु दोनों की रिपोर्टिंग समय पर सुनिश्चित करें।बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंगल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
