अरविंदर सिंह,हमीरपुर (TSN): हमीरपुर जिले में अत्यधिक बारिश, भूस्खलन, जमीन धंसने और बाढ़ से हुए भारी नुकसान के बाद पुनर्वास, पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्य तेजी से करवाए जा रहे हैं। हमीरपुर जिला प्रशासन की ओर से मनरेगा के माध्यम से लगभग 5500 अतिरिक्त शैल्फ मंज़ूर किए गए हैं और इस वर्ष मनरेगा के माध्यम से लगभग 75 करोड़ रुपए के कार्यों को करवाया जाएगा।
एडीसी व प्रोजेक्ट डायरेक्टर डीआरडीए जितेंद्र सांजटा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्यों को मनरेगा के माध्यम से करवाने के लिए लगभग 5500 अतिरिक्त शैल्फ पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 500 कार्य आरंभ भी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत इस बार लगभग 75 करोड रुपए के विभिन्न कार्यों को करवाया जाएगा । जमीन धंसने से खतरे की जद में आए मकानों ओर बेघर हुए लोगों के पुनर्वास के लिए भी प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही हैं।
बता दें कि इस मानसून सीजन में जिले भर में कुल 486 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का आंकलन किया गया हैं। इस दौरान सड़कों, पुलों, पेयजल योजनाओं, ग्रामीण संपर्क मार्गों और सरकारी भवनों के अलावा लोगों की निजी संपत्ति की भी भारी क्षति हुई हैं। जिले भर में कुल 416 कच्चे-पक्के मकान पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। 425 गौशालाएं और विभिन्न बस्तियों के आस-पास 266 डंगे भी धराशायी हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्ग एवं पक्के रास्तों और कृषि भूमि को भी भारी नुकसान पहुंचा हैं, जिनको सही करने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से जिला प्रशासन को मनरेगा सेल्फ में भी इनका काम करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
