संजु चौधरी,शिमला: हिमाचल प्रदेश में बीते दिनों हुई भारी बारिश के चलते करोड़ों का नुकसान प्रदेश में हुआ हैं। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ इस बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपना क+हर जमकर बर+पाया हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों, डंगो और खेतो को भी काफी नुकसान पहुंचा हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने मनरेगा के तहत राशि देने का विकल्प निकाला हैं।
पंचायतीराज ओर ग्रामीण विकास विभाग मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों के रास्तों, डंगो के मरम्मत के लिए तत्काल प्रभाव से एक लाख जारी करने के विभाग को निर्देश जारी कर दिए है ओर तुरंत प्रभाव से मनरेगा योजना के तहत एक लाख देने को कहा हैं।
पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि प्रदेश में बरसात में भारी नुकसान हुआ हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी रास्ते, डंगे और खेतों को नुकसान पहुंचा हैं। इसको देखते हुए ग्रामीण विकास विभाग की ओर से मनरेगा योजना के तहत प्रभावित लोगों को एक लाख की राशि तत्काल प्रभाव से देने का फैसला लिया गया है ताकि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बारिश से हुए नुकसान से कुछ राहत मिल सके।
उन्होंने बताया कि पहले निजी भूमि में हुए नुकसान की भरपाई के लिए मनरेगा के तहत राशि नहीं दी जाती थी लेकिन अब आपदा को देखते हुए निजी भूमि मालिकों को भी राहत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह राशि केवल मात्र एक पत्र लिखने पर ही दे दी जाएगी, ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके।
सेपु बड़ी खाने से नहीं चलेगा काम, बुरे वक्त में भी खड़े रहे पीएम मोदी
अनिरुद्ध सिंह ने प्रदेश में आई इस प्राकृतिक आपदा के बीच केंद्र पर भी निशाना साधा ओर कहा कि प्रदेश में आपदा आई हैं, ऐसे में केंद्र सरकार हिमाचल को 5 हजार करोड़ की आर्थिक मदद करें। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का हिमाचल को लेकर अभी तक कोई बयान नहीं आया हैं। उन्हें उत्तरांचल की ज्यादा चिंता है, जबकि पीएम के लिए देश के सभी राज्य एक समान होते हैं पीएम मोदी हिमाचल को आपदा राज्य घोषित करें। उन्होंने कहा कि सेपु बड़ी खाने से ही काम नहीं चलेगा बुरे वक्त में खड़े भी रहे।
