Una, Rakesh-:ऊना जिला प्रशासन ने जिले में नशा-मुक्त वातावरण तैयार करने के लक्ष्य के साथ ‘एंटी-चिट्टा अभियान’ को और मजबूत करते हुए मिशन मोड में कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे को लेकर चिन्हित संवेदनशील पंचायतों की नशा निवारण समितियों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित यादव भी मौजूद रहे। डीसी ने कहा कि नशा-मुक्त जिले की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रशासन और समुदाय, दोनों का समान सहयोग आवश्यक है।
10 संवेदनशील पंचायतों पर विशेष फोकस
डीसी जतिन लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नशे को जड़ से खत्म करने की व्यापक मुहिम चला रही है। इसी दिशा में ऊना जिले की सभी 245 पंचायतों में नशा निवारण समितियां गठित की गई हैं, जिनमें से नशे की दृष्टि से चिन्हित 10 संवेदनशील पंचायतों पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इन पंचायतों की समितियों के साथ आज समीक्षा बैठक कर उन्हें तुरंत सक्रिय मोड में काम करने के निर्देश दिए गए।उन्होंने कहा कि समिति का प्रत्येक सदस्य अपने क्षेत्र को चिट्टा-मुक्त बनाने का व्यक्तिगत संकल्प ले और नशे से संबंधित हर प्रकार की सूचना प्रशासन तक पहुंचाए। युवा पीढ़ी के व्यवहार में आने वाले बदलावों को पहचानकर समय पर सूचना देना हर सदस्य की जिम्मेदारी है। डीसी ने स्पष्ट किया कि सूचना देने वाले का नाम पूर्णत: गोपनीय रखा जाएगा और पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी।
चिट्टे की सप्लाई–डिमांड चेन को तोड़ना सबसे ज़रूरी
जतिन लाल ने कहा कि जिले में चिट्टे की सप्लाई–डिमांड चेन को तोड़ना सबसे ज़रूरी है, जिसके लिए समितियों को समुदाय, परिवारों और युवाओं से लगातार संवाद बनाए रखना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि समितियों को सौंपी गई जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
