Shimla, Sanju-:शिमला में अवैध रूप से बैठे तहबाजारियों पर चल रही नगर निगम की कड़ी कार्रवाई के विरोध में सीटू और तहबाजारी यूनियन खुलकर मैदान में आ गई है। बुधवार को दोनों संगठनों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और नगर निगम संयुक्त आयुक्त के कार्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम हाई कोर्ट के आदेशों की आड़ लेकर तहबाजारियों को बेदखल करने में जुटा है, जबकि स्ट्रीट वेंडर एक्ट के प्रावधानों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। यूनियन ने मांग की कि जल्द से जल्द तहबाजारियों का रजिस्ट्रेशन किया जाए और एक्ट को शिमला में लागू किया जाए।बीते दिन लक्कड़ बाजार में नगर निगम की टीम ने कई तहबाजारियों का सामान जब्त किया था, जिसके दौरान हंगामा भी हुआ। छीनाझपटी में एक महिला की बाजू टूटने का मामला सामने आया है। प्रदर्शन के दौरान महिला अंजली ने बताया कि वह पिछले 15 साल से लक्कड़ बाजार में रेहड़ी लगाती है, लेकिन आज तक इस तरह की कार्रवाई कभी नहीं देखी। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार नगर निगम को रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया, पर अब तक उन्हें वेंडर के रूप में दर्ज नहीं किया गया।
सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेंदर मेहरा ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2014 में स्ट्रीट वेंडर एक्ट लागू किया था, जिसमें तहबाजारियों को बसाने और सुरक्षा प्रदान करने के स्पष्ट प्रावधान हैं। लेकिन नगर निगम शिमला उन्हें व्यवस्थित करने के बजाय उजाड़ने में लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम ने हाई कोर्ट को भी गलत जानकारी देकर गुमराह करने की कोशिश की है। मेहरा ने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम ने जल्द कदम न उठाए और एक्ट को लागू न किया, तो सीटू आंदोलन को और उग्र रूप देगा।
