संजु चौधरी, शिमला: हिमाचल सरकार की ओर से इस बार किलो के हिसाब से सेब खरीदने का फैसला लिया गया हैं। फ़ैसले के तहत सभी मंडियों में किलो के हिसाब से ही सेब खरीदने के सख्त निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं लेकिन मंडियों में आढ़तियों के लिए तोल कर सेब खरीदना आफत बन गई हैं ऐसे में अब आढ़ती सरकार के इस फैसले के विरोध में उतर आए हैं और आढ़ती हड़ताल पर चले गए हैं।
गुरुवार को भट्टाकुफर फल मंडी में करसोग कोटखाई ठियोग से बागवान अपना सेब लेकर पहुंचे लेकिन फल मंडी में गुरुवार को आढ़त पूरी तरह से बंद कर दी गई और आढ़ती वहां पर नहीं थे, ऐसे में बागवान परेशान हैं। गुरुवार को करीब 15 गाड़ियां से भी सेब मंडी में पहुंचे हैं।
फल मंडी में सेब लेकर पहुंचे बागवानों का कहना है कि पहले ही बारिश से सड़कें काफी प्रभावित हुई हैं और सेब पर भी मौसम की मार पड़ी हैं। बड़ी मुश्किल से मंडी तक सेब की गाड़ियां लेकर पहुंचे हैं लेकिन यहां पर आढ़ती सेब नहीं खरीद रहे हैं। सुबह से यहां पर गाड़ियां लेकर पहुंचे हैं।
बागवानों का कहना है कि सरकार की ओर से किलो के हिसाब से सेब बेचने की व्यवस्था की है वो फैसला स्वागत योग्य हैं। इससे सभी बागवान खुश हैं,लेकिन आढ़ती किलो के हिसाब से सेब खरीदने की के लिए आनाकानी कर रहे हैं। बागवानों ने सरकार से आढ़तियों की मनमानी पर नकेल कसने की गुहार लगाई हैं।
