राहुल चावला,धर्मशाला: गठिया एक बीमारी नहीं है, बल्कि साइंटिफिक टर्म में इस बीमारी की कई वैरायटी हैं। यही नहीं यूरिक एसिड भी गठिया की एक बीमारी हैं। गठिया के बारे में जागरूकता और विभिन्न बीमारियों के विशेषज्ञों का इसमें सहयोग जरूरी हैं। गठिया न केवल जोड़ों, बल्कि हॉर्ट, लंग्स और किडनी को भी इफेक्ट करता हैं। यह बात धर्मशाला में गठिया व जोड़ों के दर्द संबंधी बीमारियों पर आयोजित डाक्टर्स की कांफ्रेंस में हिस्सा लेने पहुंचे पीजीआई चंडीगढ़ के क्लीनिकल इम्यूनोलॉजी एंड रियूमैटोलॉजी विंग डिपार्टमेंट के हैड प्रो.डॉ. अमन शर्मा ने कही।
गठिया रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशुल गोयल की बोर से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जिला कांगड़ा इकाई के सहयोग से आयोजित डाक्टर्स कांफ्रेंस में शिरकत करते हुए डॉ. अमन शर्मा ने कहा कि यूरिक एसिड भी गठिया की ही एक बीमारी है, जिसे गाउट कहा जाता हैं। यूरिक एसिड की समस्या के कारण भी गठिया होता है, जिससे पहले पैर के अंगूठे में सूजन होती है, ऐसे में इसके लिए काफी परहेज बताया जाता है, जबकि गठिया की 100 से अधिक बीमारियां भी हैं और यूरिक एसिड वाला परहेज गठिया संबंधी अन्य बीमारियों पर भी लगा दिया जाता हैं। इसी बारे जागरूकता फैलाने के लिए धर्मशाला में गठिया और जोड़ों के दर्द विषय पर कांफ्रेंस का आयोजन किया गया हैं।
हर किसी को जिंदगी में अमूमन होता है जोड़ों का दर्द
डॉ. अमन शर्मा की मानें तो जोड़ों का दर्द हर आदमी को जिंदगी में अमूमन होता हैं। आम लोग गठिया को एक ही बीमारी मानकर चलते हैं, जबकि साइंटिफिक टर्म में गठिया की 100 से ज्यादा वैरायटी हैं। कुछ का इलाज थोड़े समय के लिए, जबकि कुछ का लंबे समय तक इलाज करना पड़ता हैं। उपचार सही होगा, तभी उचित इलाज हो सकता हैं।
गठिया रोग विशेषज्ञों की कमी
डॉ. अमन गठिया रोग विशेषज्ञों की भारत में भी कमी है और हिमाचल में भी बहुत कम विशेषज्ञ हैं, जबकि यह बीमारी आजकल काफी लोगों को हो रही हैं। यह बीमारियां न केवल जोड़ों को इफेक्ट करती हैं, बल्कि यह मल्टी सिस्टम बीमारियां हैं जो कि हॉर्ट, लंग्स और किडनी को भी इफेक्ट करती हैं।
यंग ऐज को भी इफेक्ट करती हैं गठिया की बीमारियां
डॉ. अमन का कहना है कि लोगों में यही अवधारणा है कि उम्र बढ़ने के साथ घुटनों में समस्या आती हैं, वही गठिया होता हैं, लेकिन गठिया की अन्य बीमारियां हैं वो यंग एज ग्रुप को ज्यादा इफेक्ट करती हैं। जिंदगी के सबसे प्रोडक्टिव ईयर में यह बीमारी ज्यादा होती है, इसलिए उस समय सही ढंग से उसका उपचार करना बेहद जरूरी है, वरना यह बीमारी आगे चलकर आपकी परेशानी और बढ़ा सकती हैं
