बीबीएन : जगत सिंह- बीबीएन में सडकों की हालत बद से बत्तर होती जा रही है । यहां पर रहने वाले लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है । कई सडकें तो अपना वजूद ही खो बैठी है । सरकार बीबीएन की सडकों की और कोई भी तबजू नही दे रही है ,जबकि औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन से करोडों रूपयों का राज्यस्व सरकार के खजाने में जमा होता है लेकिन इतना सब होने के बावजद भी प्रदेश सरकार का रवैया क्षेत्र की सडकों को लेकर गंभीर नही है ।
सरकार से जल्द सड़कों की दशा सुधारने की मांग
स्थानीय लोगों ने सरकार से जल्द सड़कों की दशा सुधारने की मांग की है और अगर फिर भी सरकार ने सड़कों की दशा नहीं सुधारी तो आने वाले दिनों में क्षेत्रवासी एकत्रित होकर सड़कों पर उतरकर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगें , जिसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी। बीबीएन की खस्ता हालत सडकों की वजह से आए दिन सडक हादसे हो रहें है । सैंकडों घरों के चिराग इन सडकों की वजह से बुझ
कें है । बीबीएन एक औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां गाडियों की आवाजाही बहुत ज्यादा है और उस हिसाब से सडकें बहुत छोटी है जिस कारण यहां सडकों पर घण्टों जाम की स्थिति भी बनी रहती है । स्थानीय लोगों ने सरकार से सडकों की हालत को सुधारने की मांग की है ।
स्थानीय व यहा कंपनियों में काम कर रहे लोगों का कहना है कि क्षेत्र में मूलभूत सुबिधाओं की कमी है और बिशेष तौर पर सडकों की रामशहर रोड,खेडा रोड,पंजैहरा बघेरी रोड,बरोटीवाला -हरिपुर रोड,गोयला रोड,बरूणा -जोघों रोड ,की हालत भी खस्ता है । यहां कच्ची सडकों से उडने वाली धूल मिट्टी से कई तरह की बीमारियां का आंदेशा बना हुआ है । बीबीएन की सडकों को लेकर न प्रशासन गंभीर है और न ही हिमाचल सरकार इसकी और कोई ध्यान दे रही है ।
