शिमला: प्रदेश में विधानसभा चुनावों का समय नज़दीक है। कांग्रेस को इन चुनावों से पहले लगातार झटके मिल रहे है। पहले जहां कांग्रेस के दो विधायकों ने कांग्रेस को छोड़ भाजपा का दामन थाम किया तो वहीं अब कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने हिमाचल प्रदेश इकाई की संचालन समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। 26 अप्रैल को कांग्रेस आलाकमान की ओर से आनंद शर्मा को विधानसभा चुनावों को देखते हुए हिमाचल प्रदेश संचालन समिति के अध्यक्ष नियुक्ति किया गया था लेकिन इसके बाद हिमाचल में बैठकों के लिए उन्हें नहीं बुलाया जा रहा था जिस पर नाराज़गी जताते हुए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
शिमला में 7 अगस्त को कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक हुई थी जिसमे पर्यवेक्षक भूपेश भगेल ओर सचिन पालयट भी पहुंचे थे लेकिन आनंद शर्मा को इस बैठक में नहीं बुलाया गया। इससे पहले भी दिल्ली में हुई बैठक में उन्हें नहीं बुलाया गया था। इन बैठकों में सभी प्रमुख कमेटियों के अध्यक्षों को बुलाया जाता है, लेकिन लगातर आनंद शर्मा को अनदेखा किया जा रहा था जबकि आनंद शर्मा हिमाचल से ही संबंध रखते है और हर बार चुनावों में उन्हें अहम जिम्मेवारियां दी जाती रही है। इस बार भी उन्हें संचालन समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। इस समिति में प्रदेश के 10 नेताओं को शामिल किया गया था।इस समिति का कार्य चुनावों को लेकर रणनीति बनाना है और प्रबंधन करना है, ओर अन्य कमेटियों पर नज़र रखना और फीडबैक लेना हैं, लेकिन इस कमेटी का अध्यक्ष होने के बावजूद उन्हें बैठकों में नहीं बुलाया जा रहा था जिसके चलते उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सोनिया गांधी को लिखे पत्र में भी आनंद शर्मा ने चुनावों को लेकर होने वाली बैठकों के बारे में सूचना न देने की बात कही है।
कमेटी में ये लोग थे शामिल
कांग्रेस आलाकमान ने 26 अप्रेल को हिमाचल संचालन समिति का गठन किया था जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा के नेतृत्व में समिति का अध्यक्ष बनाया गया था । इसमें आशा कुमारी, धनीराम शांडिल, कुलदीप राठौर, विप्लव ठाकुर, हर्षवर्धन चौहान, रामलाल ठाकुर, चंद्र कुमार और सुरेश चंदेल को सदस्य बनाया गया है। स्टीयरिंग कमेटी में प्रतिभा सिंह, मुकेश अग्निहोत्री और सुक्खू स्थायी आमंत्रित सदस्य रखे गए थे।
