काजा /( मनमिन्दर अरोड़ा) : अजी छोड़िए जनाब,जब डबल इंजन की सरकार होगी तो प्रदेश में इस तरह के नजारे भी लोगों को आम दिखाई देंगे। भाजपा के नेता हों या सरकार में मंत्री जब ये भी मेलों के नाम पर महज औपचारिकता ही करने में जोर देंगे तो प्रशासन के अधिकारी भी बेखौफ अपनी मनमर्जी करते दिखाई देंगे क्योंकि इन्हें पता है न कोई पुछने वाला है और न कोई कहने वाला।
लिहाजा हम तो वही करेंगे जो इनका दिल चाहेगा। कुछ ऐसा ही वाक्या रविवार को स्पीति के लादरचा मेले में देखने को मिला। मेले में सरकारी योजनाओं और अन्य जानकारी लोगों को उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन द्वारा लगाए गए स्टॉल रविवार को पूरी तरह सुनसान पड़े रहे। न तो यहां प्रशासन का कोई नुमाइंदा मौजूद था और न ही इन स्टॉलों में किसी तरह का समान रखा गया था। इन स्टॉलों पर सिर्फ दिखाई दे रहे थे तो महकमों के नाम के लगे बैनर, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली की पोल खोल रहे थे।
रविवार को जब मेले के अंतिम दिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं लाहौल स्पीति के पूर्व विधायक रवि ठाकुर मेले में पहुंचे तो उन्होंने देखा कि जिस स्थल पर प्रशासन द्वारा सरकारी विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं उन स्टॉलों में कोई भी मौजूद नहीं है। रवि ठाकुर ने बताया कि रविवार को लादरचा मेले का अंतिम दिन था और इस दौरान घाटी के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में लोग मेले में शिरकत करने के लिए पहुंचे थे, वहीं सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी लेने के लिए जब लोग प्रशासन द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर पहुंचे तो वह भी यह देखकर हैरान रह गए कि इन स्टालों पर न तो कोई व्यक्ति है और न ही किसी तरह की जानकारी यहां लोगों को उपलब्ध करवाई जा रही है।
लिहाजा प्रशासन की व्यवस्थाओं की पोल खोलता लादरचा मेले का प्रदर्शनी मैदान चर्चा का विषय बना। रवि ठाकुर ने कहा कि स्थानीय विधायक विभिन्न कार्यक्रमों में जहां डबल इंजन की सरकार की बात करते हैं। वही मेलों के नाम पर लोगों की भावनाओं के साथ भी वे खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लादरचा मेले के शुभारंभ पर पहुंचे स्थानीय विधायक एवं सरकार में मंत्री ने जहां मेले का दौरा किया और नाच गाना कर यहां से चलते बने, वहीं उन्होंने यह जानने का प्रयास नहीं किया कि आखिरकार मेले में प्रशासन द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर विभागों के अधिकारी कर्मचारी मौजूद भी है या नहीं। यहां लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल भी रही है या नहीं। मंत्री जी तो महज मेले की औपचारिकताएं करके चल दिए।
रवि ठाकुर ने कहा कि जब सरकार में मौजूद नेता ही औपचारिकताएं निभाने का काम करेंगे तो प्रशासन के अधिकारी भी कहां पीछे रहेंगे। जब कोई पूछने वाला ही नहीं होगा तो वह भी अपनी मनमर्जी ही करेंगे जिसका उदाहरण लादरचा मेले में सरकारी विभागों के खाली पडे स्टाल देखकर लगाया जा सकता है। रवि ठाकुर ने कहा कि लादरचा मेला स्पीति के लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है ।
साल में एक बार मनाए जाने वाले इस मेले में शिरकत करने के लिए जहां दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं, वहीं यहां सजे प्रदर्शनी के स्टालों पर भी लोगों की खासी भीड़ रहती है, लेकिन इस बार यहां का नजारा प्रशासन की व्यवस्थाओं की पोल खोलता दिखाई दे रहा है। मेले के समापन से पहले ही प्रशासन के अधिकारियों ने अपने स्टालों को लावारिस छोड़ना ही बेहतर समझा। रवि ठाकुर ने कहा कि वे सरकार से इस पूरे मामले की जांच करने के साथ लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग करते हैं।
