मंडी (परी शर्मा): हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस में वर्ड वॉर छिड़ा हुआ है। गुरुवार को स्वर्गीय पंडित सुखराम के पोते आश्रय शर्मा ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। भाजपा मंडी सदर के विधायक अनिल शर्मा के सुपुत्र आश्रय शर्मा ने कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। आश्रय शर्मा ने त्याग पत्र तो दिया दिया, लेकिन जाते-जाते उन्होंने न केवल कांग्रेस पार्टी पर कई आरोप जड़े, बल्कि ये भी कहा कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय पार्टी ना रहकर प्राइवेट लीमिटेड फर्म बन चुकी है। जिसमें मां ही सांसद है, मां ही अध्यक्ष है और सुपुत्र विधायक है सभी संगठनों के प्रभारी है।
मंडी में पत्रकार वार्ता कर आश्रय शर्मा ने कहा कि नैतिकता के आधार पर मैंने जब चुनाव लड़ा था, तब अनिल शर्मा से किसी ने उनका इस्तीफा नही मांगा था, लेकिन उन्होने नैतिकता के आधार पर मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसलिए मैंने भी फैसला लिया है कि मैं भी अपने पदों से इस्तीफा दूं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने विश्वास दिलाया था कि पीछे कांग्रेस पार्टी में आपके साथ जो हुआ वो मैं भविष्य में नही होने दूंगा , लेकिन कांग्रेस पार्टी में आकर भी वही बातें हुई जो पहले होती थी। आश्रय शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय पार्टी ना रहकर प्राइवेट लीमिटेड फर्म बन चुकी है। जिसमें मां ही सांसद है, मां ही अध्यक्ष है और सुपुत्र विधायक है सभी संगठनों के प्रभारी है।
आश्रय शर्मा ने कांग्रेस पार्टी पर कई आरोप लगायें। उन्होने कहा कि 2019 को लोकसभा का चुनाव कांग्रेस पार्टी से लड़ा और उस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दिल्ली में प्रचार का विश्वास दिलाया था। लेकिन नामांकन दो दिन पहले वे मुखर गए और कहा कि अगर मांगों को पूरा नही किया तो ना ही वे नामांकन में आएगें और ना ही किसी के लिए प्रचार नही करेगें और उनकी मांगे माननी पड़ी। इतना ही नही आश्रय शर्मा ने कहा कि विक्रमादित्य आजकल बड़े गाना गुनगुना रहे है और चंबा जाने की बात करते है लेकिन चंबा से ही उनके नेता ने कांग्रेस पार्टी पर कई आरोप लगाए है। कांग्रेस पार्टी में टिकटों की खरीद फरोख्त चल रही है। 10 गांरिटयों पर बोलते हुए आश्रय शर्मा ने कहा कि कांग्रेस कहती है कि ओपीएस को बहाल करेगें जो मात्र एक छलावा है। क्योकि केंद्र की मदद के बिना ओपीएस बहाल नही होगी। महिलाओं को भत्ता देने पर आश्रय शर्मा ने कहा कि जो राज्य पहले से ही कर्जे में डूबा हो वो कैसे महिलाओं का भत्ता दे पाएंगे।
आश्रय शर्मा ने कौल सिंह पर दिया यह बयान
आश्रय शर्मा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पर बोलते हुए कहा कि कौल सिंह ठाकुर वरिष्ठ नेता है आपके मन मैं मेरे लिए सम्मान भी है, लेकिन आपका राजनितिक कद नही है कि आप मेरे से उलझे, मै तो कौल सिंह के पैरों की धूल भी नहीं हूं। आश्रय ने कहा कि उनके मतभेद पंडित सुखराम जी से रहे और किन कारणों से रहे वो बेहतर जानते है। राजनीति के अंदर मेरा विरोध किया गया तो एक ही कसूर रहा कि मै पंडित सुखराम का पौता हूं। उन्होंने कहा कि कौल सिंह ठाकुर ने कई बार सदर विधानसभा में आकर हर जगह मेरा रास्ता रोकने का प्रयास किया और कहा कि जो अपने बाप का नही हो सका वो किसी और का क्या होगा। आश्रय ने कहा कि मैरा नाम चंपा ठाकुर नही है मेरा नाम आश्रय शर्मा है और मै अपने पिता के लिए कुछ भी करता हूं।
मैं और मेरा पूरा परिवार अब भाजपा के साथ
हाल ही में मंडी सदर से विधायक अनिल शर्मा ने पत्रकार वार्ता में कहा था कि मैं और मेरा पूरा परिवार अब भाजपा के साथ है। उन्होने ये भी कहा था कि आश्रय शर्मा भी भाजपा का ही सहयोग करेगा बहरहाल आज आश्रय शर्मा ने कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है और सोनिया गांधी को इस्तीफा भी भेज दिया है अब पिता और पुत्र दोनो की भाजपा पार्टी के लिए कार्य करेगें। आश्रय शर्मा मंडी लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके है।
