संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश की कांग्रेस सरकार की ओर से बीते रविवार को सात मंत्रियों सहित 6 सीपीएस को नियुक्ति दी गई हैं। इन नियुक्तियों के बाद से भाजपा लगातार कांग्रेस पर हमला बोल रही हैं। बीजेपी की ओर से आरोप लगाए जा रहे हैं कि 6 सीपीएस की नियुक्तियां कर कांग्रेस ने प्रदेश पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल हैं। इतना ही नहीं इन नियुक्तियों को लेकर भाजपा कोर्ट जाने की भी तैयारी कर रही है और इस मामले में अभी कानूनी सलाह भाजपा की ओर से ली जा रही हैं।
कांग्रेस सरकार की ओर से अपने 1 महीने के कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों और 6 सीपीएस की नीतियों पर नेता विपक्ष जयराम ठाकुर की ओर से सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस सरकार के एक माह के कार्यकाल ने प्रदेश में अव्यवस्था करने के आरोप लगाए हैं। विपक्ष के नेता, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सत्ता नहीं व्यवस्था परिवर्तन के बयान पर सीएम को स्तिथि स्पष्ट करने को कहा हैं। उन्होंने सीएम से सवाल किया है कि जनता के हित में लिए गए फैसलों को पलट कर सरकार कौन सी व्यवस्था परिवर्तन करना चाह रही है?
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पूर्व में बीजेपी सरकार ने प्रतिशोध की की भावना से काम नहीं किया लेकिन कांग्रेस ने सत्ता में आते ही जनता के हित में लिए गए सभी फैसलों को पलटने का काम किया हैं। मंत्रिमंडल के गठन से पहले ही असंवैधानिक तरीके से कैबिनेट के फैसलों को बदलना सही नहीं हैं। कांग्रेस की सरकार बनते ही प्रदेश में दो बड़े सीमेंट उद्योग बंद हो गए। 1 महीने का समय बीतने के बाद भी सरकार समस्या का हल निकालने में विफल रही हैं, जिससे हजारों लोग सड़कों पर आ गए हैं।
मंत्रिमंडल पर नेता विपक्ष ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि इसमें जातिय व क्षेत्रीय असंतुलन हैं। सबसे बड़े जिला कांगड़ा ने सरकार बनाने में भूमिका अदा की लेकिन एक ही मंत्री इस जिले से मनाया गया। जयराम ठाकुर ने कहा कि एक ओर तो सरकार खर्चे कम करने की बात कर रही थी लेकिन अब 6 मुख्य संसदीय सचिव बनाए गए हैं और इसके साथ ही विधायक ना होने के बावजूद भी कुछ लोगों को कैबिनेट का दर्जा दिया गया हैं, जिसकी कोई जरूरत नहीं थी।
उन्होंने कहा कि सीपीएस बनाने को लेकर असम व अन्य राज्यों में भी सरकार के निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई जहां सीपीएस की नियुक्ति को कोर्ट ने अनुचित ठहराया हैं। सीपीएस नियुक्ति पर प्रदेश में भी बीजेपी कानूनी सलाह ले रही हैं। वहीं प्रदेश सरकार की डीजल में वैट बढ़ाने के फैसले को उन्होंने जनता विरोधी बताया और कहा कि इससे प्रदेश की गरीब जनता पर महंगाई का बोझ पड़ेगा। यह सरकार देश की जनता के साथ छलावा कर रही है जनता इन्हें माफ नहीं करेगी।
