कुल्लू/मनमिन्द्र अरोड़ा: दिल में अगर जुनून हो तो कोई भी समस्या किसी को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती और हमेशा इंसान को बुरे विचारों को छोड़कर अपनी तरक्की की और ध्यान देना चाहिए। यह बात कुल्लू पहुंचे व्हील चेयर बॉडी बिल्डिंग में कई खिताब जीत चुके आनंद अर्नोल्ड ने कही। आर्नोल्ड भारत के ऐसे बॉडी बिल्डर है जिन्होंने व्हील चेयर बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर कई खिताब अपने नाम किए है।

शारीरिक रूप से अक्षम आनंद अर्नोल्ड पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं और वह 11 साल की उम्र से ही बॉडी बिल्डिंग कर रहे हैं। अर्नोल्ड जब 15 साल के थे तो उस दौरान उन्हें स्पाइनल कॉर्ड में समस्या आ गई। हालांकि उस समस्या का तो निवारण हो गया। लेकिन वह पैरों से अक्षम हो गए और व्हीलचेयर पर अब अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। ऐसे में व्हीलचेयर पर बैठकर भी उन्होंने कुछ करने की ठानी और आज वह एक सफल बॉडी बिल्डर के रूप में जाने जाते हैं। आनंद अर्नोल्ड विदेशों में भी व्हीलचेयर कैटेगरी में भाग ले चुके हैं और कई खिताब अपने नाम कर चुके हैं। इसके अलावा मिस्टर इंडिया और 10 सालों तक वे mr-punjab भी रह चुके हैं।

हिमाचल प्रदेश में भी एक बड़े स्तर का आयोजन करवाया जाएगा
आनंद का कहना है कि हाल ही में उन्होंने व्हील चेयर प्रतियोगिता जयपुर में भी आयोजित करवाई थी। जिसमें कई व्हील चेयर पर बैठे बॉडी बिल्डरों ने भाग लिया था। ऐसे में आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश में भी एक बड़े स्तर का आयोजन करवाया जाएगा। ताकि व्हील चेयर पर बैठे हुए खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सके। आनंद का कहना है कि इंसान अपने दिमाग से ही कमजोर होता है और अपने दिमाग से ही मजबूत होता है। अगर कोई व्यक्ति किन्ही कारणों से शारीरिक अक्षमता का सामना करता है। तो उसे घबराना नहीं चाहिए और उसे आगे बढ़ने के लिए हमेशा अपने दिमाग से ही प्रेरणा लेनी चाहिए। ताकि उसकी अक्षमता ही उसकी जीवन के सफलता का भाग बन सके।

गौर रहे कि आनंद और अर्नाल्ड बॉडी बिल्डिंग के साथ-साथ अब फिल्मों में भी अभिनय कर रहे हैं और छोटे पर्दे पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं वही में अब व्हील चेयर पर बैठे हुए लोगों को भी प्रेरित कर रहे हैं ताकि वह अपने जीवन को नीरस ना समझे और अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल अपने जीवन में खुशियां लाने के लिए कर सके।

