मंडी : धर्मवीर ( TSN)- बरसात के सीजन में मंडी जिला में भारी बारिश से मची तबाही सैंकड़ों लोगों को गहरे जख्म दे गई है। इस बारिश से जहां लोगों को करोड़ो रूपये नगदी फसलों को नुकसान हुआ है, वही यह बारिश धान की फसल के लिए वरदान भी साबित हुई है। इस बारिश का थोड़ा-बहुत फायदा धान की पैदावार में देखने को मिल रहा है। हालांकि मंडी जिला में धान की खेती उतने बड़े स्तर पर नहीं की जाती लेकिन इस बार अभी तक जो पैदावार हुई है उसमें गत वर्ष के मुकाबले मामूली सी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। यह बढ़ोतरी मात्र 5 प्रतिशत की है।
जिला कृषि अधिकारी नवीन खोसला ने बताया कि इस वर्ष मंडी जिला में 18870 हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती की गई थी जिसमें से अभी तक 18490 हेक्टेयर भूमि पर फसल की कटाई हो चुकी है। द्रंग और गोहर ब्लाक की 380 हेक्टेयर भूमि पर कटाई का कार्य होना अभी बाकी है। अभी तक अनुमानित 34650 मीट्रिक टन का उत्पादन दर्ज किया गया है जबकि गत वर्ष 33020 मीट्रिक टन का उत्पादन हुआ था। गत वर्ष के मुकाबले अभी तक मात्र 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। वहीं, जिला के किसान इन दिनों अपने खेतों में धान की कटाई के कार्य में लगातार व्यस्त हैं। बल्हघाटी की सोयरा पंचायत की किसान ब्यासा देवी और संगीता देवी ने बताया कि भारी बारिश के कारण उनकी नगदी फैसले तो तबाह हो गयी हैं लेकिन धान की फसल इस बार पिछले साल की अपेक्षा अच्छी हुई है।
