राकेश,ऊना: हिमाचल प्रदेश में हुई भारी बारिश के कारण आई बड़ी आपदा को लेकर केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद की जा रही हैं। यह बात पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर ने ऊना में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि भारी बरसात होने के कारण प्रदेश में बड़ी आपदा आई है जिसमें जान ओर माल दोनों का नुकसान हुआ हैं। गाड़ियां, मकान पानी में बह गए हैं। लोगों की कीमती जाने चली गई। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक इस आपदा में 80 के करीब लोगों की मौत भी हुई है जबकि सैकड़ों में मवेशी भी मर गए हैं।
उन्होंने कहा वह सभी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हैं। इस आपदा की घड़ी में जहां एक तरफ प्रदेश सरकार हर संभव मदद कर रही हैं, वहीं केंद्र सरकार भी प्रदेश सरकार को हर संभव मदद कर रही हैं। प्रधानमंत्री आपदा पर नजर बनाए हुए हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ओर केंद्रीय मंत्री अन्य नेता हिमाचल आकर आई हुई आपदा का जायजा ले रहे हैं। केंद्र सरकार ने राहत के लिए पहली किस्त 180 करोड़ पर भी जारी की है और राहत के लिए करोड़ों रुपए आर्थिक मदद के लिए भी दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने आपदा के समय में कभी राजनीति नहीं की हैं, जैसा कि कोरोना के समय में कांग्रेस ने राजनीति की थी। उन्होंने केंद्र सरकार के तमाम नेताओं व हिमाचल के सांसद का मदद करने के लिए आभार प्रकट किया हैं।
वहीं पूर्व कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि कुछ दिन पहले ल देहरा से कांग्रेस के विधायक शेर सिंह की ओर से बीजेपी सरकार के कार्यकाल में बनाएं गए गौ सेवा आयोग और काऊ सेंचुरी निर्माण में भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाए थे। वीरेंद्र कवर ने कहा कि उन्होंने सरकार में रहते गौ सेवा आयोग बनाया था। इसके लिए धन की व्यवस्था की गई थी और 700 रुपये प्रति गऊ देना शुरू किया था। इसके लिए एक कमेटी भी बनाई गई थी जो इसकी देखरेख कर रही थी और कई जगह काऊ सेंचुरी भी बनाई गई थी।
इसके लिए कई सरकारी अधिकारियों को भी कमेटी में डाला गया था। सरकार ने सभी नियमों का पालन करते हुए काऊ सेंचुरी को बनाया था लेकिन देहरा के विधायक इस मामले में बड़ा घोटाला होने का मामला उठा रहे हैं। अगर उन्हें लगता है कि कहीं कोई गड़बड़ी हुई है तो वह सीधे हाईकोर्ट में जाए और अपना एफिडेविट वहां दाखिल करें। साथ ही इस मामले में मुख्यमंत्री को भी एक लेटर लिखे और इस पूरे मामले की जांच किसी भी निष्पक्ष एजेंसी से करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि शेर सिंह देहरा से 2 बार विधायक चुने गए हैं उन्हें इस प्रकार की बातें करना शोभा नहीं देता हैं। उन्होंने कहा की सरकार चाहे तो इस मामले की जांच करवा सकती हैं।
