शिमला | सीमावर्ती राज्यों में ड्रोन गतिविधियों से राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हिमाचल प्रदेश सहित 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नागरिक ड्रोन उड़ानों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला ऐसे वक्त में लिया गया है, जब हिमाचल की सीमाओं से लगे संवेदनशील इलाकों में ड्रोन के जरिए जासूसी और संदिग्ध गतिविधियों की आशंका लगातार बढ़ रही है।
सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निदेशक प्रकाश शर्मा द्वारा हिमाचल के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि हाल के दिनों में सीमाई इलाकों में ड्रोन तकनीक का उपयोग गैरकानूनी गतिविधियों के लिए हो रहा है। ड्रोन के ज़रिए हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी, निगरानी और संभावित आतंकी मदद जैसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। इसी के मद्देनज़र, राज्य की सीमाओं और नागरिक इलाकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह प्रतिबंध लागू किया गया है।
बिना अनुमति नहीं उड़ेगा कोई ड्रोन
अब हिमाचल प्रदेश में किसी भी नागरिक या निजी संस्था द्वारा ड्रोन उड़ाने से पहले केंद्र सरकार से पूर्व अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। सामान्य गतिविधियों के लिए भी अब मंजूरी प्रक्रिया के तहत ही ड्रोन संचालन संभव होगा।
सरकार का संदेश स्पष्ट – ‘सुरक्षा से कोई समझौता नहीं’
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह कदम देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। ड्रोन का उपयोग केवल अधिकृत कार्यों और स्वीकृत उद्देश्यों के लिए ही किया जाना चाहिए।
इस निर्णय से हिमाचल जैसे रणनीतिक दृष्टि से अहम राज्य में सुरक्षा एजेंसियों को निगरानी और नियंत्रण में अतिरिक्त सहूलियत मिलेगी। साथ ही सीमा पार से ड्रोन के ज़रिए होने वाली किसी भी गतिविधि पर अंकुश लग सकेगा।
