विकास शर्मा,चिंतपूर्णी: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला में स्थित विश्व विख्यात शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के दरबार में गुरुवार को दो दिवसीय भजन संध्या का समापन हुआ। इस दो दिवसीय भजन संध्या में प्रसिद्ध पंजाबी गायक मास्टर सलीम ने अपने भक्ति गीतों से समा बांधा। भजन संध्या के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में सीपीएस आशीष बुटेल शामिल हुए। उनके साथ विधायक चैतन्य शर्मा विधायक देवेंद्र भुट्टो और विधायक चिंतपूर्णी सुदर्शन सिंह बबलू शामिल हुए।
इस कार्यक्रम में मुख्य आकर्षण का केंद्र पंजाबी भजन गायक मास्टर सलीम रहे, जिन्होंने मेला मैया दा शिव विवाह और गड्डी चली आदि भजनों से मैया का गुणगान किया। मास्टर सलीम के मेला मैया भजन की वीडियो शूटिंग भी मां चिंतपूर्णी के दरबार में ही हुई हैं। इस मौके पर उन्होंने स्टेज पर मेला मैया दा भजन के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने शुरुआती दिनों में मेला मैया का भजन की शूटिंग मां चिंतपूर्णी के दरबार में ही की थी। आज इतने वर्षों के बाद वह फिर एक बार इस कार्यक्रम में मेला मैया दा भजन भक्तों के लिए गा रहे हैं। वहीं कार्यक्रम में पहुंचने पर चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने सीपीएस आशीष बुटेल, विधायक गगरेट चैतन्य शर्मा और विधायक देवेंद्र भुट्टो को माता की चुनरी और फोटो देकर सम्मानित किया। व्यवस्था परिवर्तन के तहत चिंतपूर्णी मंदिर में इस तरह की दो दिवसीय भजन संध्या का आयोजन सरकारी स्तर पर किया गया।
सीपीएस आशीष बुटेल ने बातचीत करते हुए कहा की हिमाचल में व्यवस्था परिवर्तन हो रहा हैं। इसी के तहत चिंतपूर्णी में भी पहली बार दो दिवसीय भजन संध्या का आयोजन सरकारी स्तर पर किया गया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शामिल होना था परंतु किन्ही कारणों से वह आ ना सके इसलिए उन्हें यहां पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भेजा गया। यहां पर स्थानीय लोगों की जो समस्याएं मिली हैं उन्हें मुख्यमंत्री से मिलकर स्थानीय विधायक के सहयोग से जल्दी हल किया जाएगा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के डीसी ऊना ने स्थानीय लोगों और मंदिर न्यास के कर्मचारियों का आभार प्रकट किया। डीसी ऊना राघव शर्मा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद कहा कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ साथ मंदिर न्यास चिंतपूर्णी के कर्मचारियों और चिंतपूर्णी मंदिर के पुजारियों का विशेष सहयोग रहा जिसके कारण इस कार्यक्रम का भव्य आयोजन हो सका।
